NewsWave EXCLUSIVE: विभाग का फैसला- अब जांच के बाद ही छपेंगी रिपोर्टें, एडिटोरियल बोर्ड का गठन

Ranchi: झारखंड वन विभाग अब अपने विभागीय प्रकाशनों. पत्रिकाओं और तकनीकी रिपोर्टों को और अधिक सटीक. विश्वसनीय और पेशेवर बनाने जा रहा...

Ranchi: झारखंड वन विभाग अब अपने विभागीय प्रकाशनों. पत्रिकाओं और तकनीकी रिपोर्टों को और अधिक सटीक. विश्वसनीय और पेशेवर बनाने जा रहा है. विभाग द्वारा जारी होने वाली सूचनाओं की तकनीकी सटीकता और विषयगत प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय संपादकीय बोर्ड का गठन किया गया है. यह बोर्ड न केवल लेखों की गुणवत्ता की जांच करेगा. बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि हर जानकारी विभागीय नीतियों के पूरी तरह अनुरूप हो.

वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों में होगी कमान

नवनियुक्त संपादकीय बोर्ड में विभाग के अनुभवी भारतीय वन सेवा अधिकारियों को शामिल किया गया है. श्री विश्वनाथ साह को इस बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं एटी मिश्रा. रवि रंजन और पी राजेन्द्र नायडू जैसे वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं देंगे. श्रीकांत वर्मा को इस बोर्ड का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है. अब विभाग का कोई भी समाचार पत्र. जर्नल या मैगजीन बिना बोर्ड की अनुमति के प्रकाशित नहीं होगा.

ऐसी होगी बोर्ड की कार्यप्रणाली

• तथ्यात्मक शुद्धता. सभी लेखों. शोध पत्रों और रिपोर्टों की डेटा अखंडता और तथ्यों की गहन समीक्षा की जाएगी.

• नीतिगत तालमेल. समीक्षा बोर्ड यह देखेगा कि प्रकाशन की सामग्री झारखंड सरकार और वन विभाग की नीतियों के विरुद्ध न हो.

• प्रकाशन प्रक्रिया. बोर्ड के अनुमोदन के बाद ही वन अधिकारी मुद्रण और वितरण की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

• उच्च मानक. भाषा. प्रस्तुति और तकनीकी गहराई के उच्च मानकों को बनाए रखना बोर्ड की प्राथमिकता होगी.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *