Saraikela : झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है, सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कथित लापरवाही के कारण डिलीवरी के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बेटे की मौत हो गई, इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया.
मृतका की पहचान हाथीसिरिंग गांव निवासी 28 वर्षीय बिनीता बानरा के रूप में हुई है, बिनीता खुद भी एक स्वास्थ्य सहिया थीं और गांव में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने का काम करती थीं.
परिजनों के अनुसार, गुरुवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर बिनीता को राजनगर CHC लाया गया, डिलीवरी के दौरान अचानक बिजली बिरली गुल हो गई, अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था नहीं थी, हालात इतने खराब थे कि नर्सों ने मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी कराने की कोशिश की. आरोप है कि अस्पताल में न तो जरूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध थे और न ही डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने समय पर संवेदनशीलता दिखाई, महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही, काफी खून बह गया, लेकिन न तो उसे बेहतर इलाज मिला और न ही समय रहते सदर अस्पताल या एमजीएम रेफर किया गया.
मां-बेटे दोनों की मौत सरायकेला: राजनगर CHC में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी , सहिया और नवजात की मौत, परिजनों का हंगामा
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है, सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में कथित लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बेटे की मौत हो गई, इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मृतका खुद थी स्वास्थ्य सहिया: मृतका की पहचान हाथीसिरिंग गांव निवासी 28 वर्षीय बिनीता बानरा के रूप में हुई है, बिनीता खुद भी एक स्वास्थ्य सहिया थीं और गांव में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने का काम करती थीं.
बिजली गुल, टॉर्च में डिलीवरी
परिजनों के अनुसार, गुरुवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर बिनीता को राजनगर CHC लाया गया डिलीवरी के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई, अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था नहीं थी, हालात इतने खराब थे कि नर्सों ने मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी कराने की कोशिश की , न उपकरण, न संवेदनशीलता: आरोप है कि अस्पताल में न तो जरूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध थे और न ही डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने समय पर संवेदनशीलता दिखाई, महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही, काफी खून बह गया, लेकिन न तो उसे बेहतर इलाज मिला और न ही समय रहते सदर अस्पताल या एमजीएम रेफर किया गया.
मां-बेटे दोनों की मौत:
नतीजतन डिलीवरी , के दौरान ही मां और नवजात बेटे दोनों की मौत हो गई, घटना की सूचना मिलते ही गांव से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया, लोगों ने दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. हिमांशु भूषण बरवार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है, उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, बताया जा रहा है कि मृतका का यह पहला बच्चा था, पति राजेश बानरा मजदूरी करते हैं, घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है, नतीजतन डिलीवरी , के दौरान ही मां और नवजात बेटे दोनों की मौत हो गई, घटना की सूचना मिलते ही गांव से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया, लोगों ने दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. हिमांशु भूषण बरवार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, बताया जा रहा है कि मृतका का यह पहला बच्चा था। पति राजेश बानरा मजदूरी करते हैं। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है.
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