NEWSWAVE IMPACT : दुबई में मृत मजदूर लालचंद महतो के परिजनों से मिले MLA जयराम महतो, भारतीय दूतावास से की बात, कहा – पार्थिव शरीर जल्द पहुंचे देश

Giridih : दुबई में फंसे रहने के दौरान प्रवासी मजदूर लालचंद महतो की मौत की खबर को न्यूज वेव ने प्रमुखता से...

लालचंद महतो

Giridih : दुबई में फंसे रहने के दौरान प्रवासी मजदूर लालचंद महतो की मौत की खबर को न्यूज वेव ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था. जिसका बड़ा असर देखने को मिला. जहां मामला संज्ञान में आने के बाद डुमरी विधायक जयराम महतो ने मामले में तुरंत एक्शन लिया. विधायक स्वयं बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला पंचायत स्थित लालचंद महतो के घर पहुंचे. जहां उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. विधायक जयराम महतो ने परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने भारतीय दूतावास के अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर लालचंद महतो के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कराने का आग्रह किया. विधायक के हस्तक्षेप के बाद दूतावास स्तर पर आवश्यक कार्रवाई तेज कर दी गई है और शव को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू होने की सहमति बनी है.

नौकरी छूटी, पासपोर्ट और वीजा भी हुआ गुम

गौरतलब है कि बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला पंचायत निवासी 40 वर्षीय लालचंद महतो इसी वर्ष जनवरी में रोजगार की तलाश में दुबई गए थे. करीब दो महीने काम करने के बाद कंपनी ने उन्हें नौकरी से हटा दिया. नौकरी छूटने के बाद वह आर्थिक तंगी और असहाय स्थिति में इधर-उधर भटकते रहे. इसी दौरान उनका पासपोर्ट और वीजा भी गुम हो गया. जिससे उनकी स्वदेश वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई थी.

तबियत बिगड़ने से हुई मौत

कुछ दिनों पहले दुबई में रह रहे झारखंड के कुछ प्रवासी मजदूरों ने उन्हें खोज निकाला था. उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए लालचंद को भोजन और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई. साथ ही उन्हें भारत वापस भेजने का प्रयास शुरू किया था. लेकिन इससे पहले ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

लालचंद के पिता 2013 से लापता

लालचंद की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर है. उनके पिता दशरथ महतो साल 2013 से मुंबई से लापता है. आज तक उनका कोई पता नहीं चल सका है. ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी लालचंद के कंधों पर थी. अब उनकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है. प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और शव को शीघ्र भारत लाने की मांग की.

विधायक ने कहा सरकारी स्तर पर प्रयास किए जाएंगे

विधायक जयराम महतो ने कहा कि पीड़ित परिवार इस कठिन समय में अकेला नहीं है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर आवश्यक सरकारी स्तर पर प्रयास किए जाएंगे. जिससे लालचंद महतो का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव पहुंचे और परिवार को अंतिम संस्कार करने का अवसर मिल सके. विधायक की इस पहल से परिजनों में उम्मीद जगी है. परिवार ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप से अब लालचंद का पार्थिव शरीर जल्द गांव पहुंचने की उम्मीद बनी है.

 

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