Ranchi: झारखंड में अब तक म्यूटेशन के कुल 25,06,906 (25 लाख से अधिक) मामले दर्ज किए जा चुके हैं.ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल आए मामलों में से लगभग आधे मामलों को प्रक्रिया के तहत निपटाया जा चुका है, जबकि एक बड़ा हिस्सा रिजेक्शन की भेंट चढ़ गया है. राज्य में कुल दर्ज मामलों में से अब तक 11,93,632 आवेदनों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यानी इन रैयतों (जमीन मालिकों) की म्यूटेशन प्रक्रिया पूरी कर ‘रजिस्टर-टू में उनका नाम चढ़ा दिया गया है.
खारिज मामलों का चौंकाने वाला आंकड़ा
राज्यभर में अब तक 12,48,386 म्यूटेशन आवेदन खारिज किए जा चुके हैं. यह संख्या कुल सफल (निस्तारित) मामलों से भी अधिक है. जमीनी कागजातों में विसंगति, वंशावली की स्पष्टता न होना और डीड (केवाला) में त्रुटियां इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं.प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल 64,888 म्यूटेशन के मामले अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं.

दैनिक स्थिति का रिपोर्ट कार्ड
एक ही दिन (12 जून 2026) के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो म्यूटेशन के 2,227 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, इस एक दिन में 1,086 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि 1,394 मामलों को रिजेक्ट कर दिया गया. वर्तमान में एक म्यूटेशन केस को सुलझाने में औसतन 66 दिन और मध्यम समय 43 दिन का लग रहा है.
रांची और धनबाद में सबसे ज्यादा लोड
झारखंड के सभी 24 जिलों में ऑनलाइन म्यूटेशन की सुविधा पूरी तरह सक्रिय है. सभी जिलों के अंचलों को ऑनलाइन म्यूटेशन से जोड़ दिया गया है राजधानी रांची और औद्योगिक हब धनबाद, बोकारो तथा हजारीबाग में म्यूटेशन के मामलों का ग्राफ आसमान छू रहा है. शहरीकरण और तेजी से जमीनों की खरीद-बिक्री के कारण इन जिलों में कुल म्यूटेशन आवेदनों की संख्या सबसे अधिक है. यही वजह है कि यहां डिस्पोजल और रिजेक्शन दोनों ही मामलों में ये जिले टॉप पर हैं.
मध्यम दबाव वाले जिले हैं देवघर, गिरिडीह, पलामू व पूर्वी सिंहभूम
देवघर, गिरिडीह, पलामू और कोल्हान संभाग के पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में भी म्यूटेशन के मामलों की रफ्तार मध्यम से तेज बनी हुई है. इन जिलों में विशेष रूप से कृषि भूमि को गैर-कृषि या आवासीय भूमि में बदलने और उसके बाद दाखिल-खारिज कराने के मामले ज्यादा आ रहे हैं.खूंटी, लोहरदगा, सिमडेगा और संथाल परगना के पाकुड़ में म्यूटेशन के कुल मामलों की संख्या बड़े जिलों की तुलना में काफी कम है. इन क्षेत्रों में सीएनटी और एसपीटी) एक्ट के कड़े प्रावधानों के कारण सामान्य खरीद-बिक्री सीमित है, जिससे म्यूटेशन का दबाव कम है.
किस जिले में दाखिल खारिज की क्या है स्थिति
रांची
• कुल म्यूटेशन मामले: 5,42,118
• निस्तारित मामले: 2,58,412
• खारिज मामले: 2,71,180
• लंबित मामले: 12,526
धनबाद
• कुल म्यूटेशन मामले: 3,11,405
• निस्तारित मामले: 1,48,910
• खारिज मामले: 1,56,120
• लंबित मामले: 6,375
बोकारो
• कुल म्यूटेशन मामले: 2,18,904
• निस्तारित मामले: 1,04,311
• खारिज मामले: 1,10,115
• लंबित मामले: 4,478
हजारीबाग
• कुल म्यूटेशन मामले: 1,94,850
• निस्तारित मामले: 93,210
• खारिज मामले: 97,420
• लंबित मामले: 4,220
गिरिडीह
• कुल म्यूटेशन मामले: 1,78,410
• निस्तारित मामले: 85,120
• खारिज मामले: 89,500
• लंबित मामले: 3,790
देवघर
• कुल म्यूटेशन मामले: 1,46,550
• निस्तारित मामले: 69,850
• खारिज मामले: 73,480
• लंबित मामले: 3,220
पलामू
• कुल म्यूटेशन मामले: 1,22,380
• निस्तारित मामले: 58,420
• खारिज मामले: 61,350
• लंबित मामले: 2,610
पूर्वी सिंहभूम
• कुल म्यूटेशन मामले: 1,12,940
• निस्तारित मामले: 54,110
• खारिज मामले: 56,410
• लंबित मामले: 2,420
दुमका
• कुल म्यूटेशन मामले: 92,450
• निस्तारित मामले: 44,120
• खारिज मामले: 46,310
• लंबित मामले: 2,020
गोड्डा
• कुल म्यूटेशन मामले: 81,150
• निस्तारित मामले: 38,810
• खारिज मामले: 40,620
• लंबित मामले: 1,720
गढ़वा
• कुल म्यूटेशन मामले: 76,420
• निस्तारित मामले: 36,450
• खारिज मामले: 38,360
• लंबित मामले: 1,610
गुमला
• कुल म्यूटेशन मामले: 68,910
• निस्तारित मामले: 32,850
• खारिज मामले: 34,640
• लंबित मामले: 1,420
रामगढ़
• कुल म्यूटेशन मामले: 64,250
• निस्तारित मामले: 30,610
• खारिज मामले: 32,310
• लंबित मामले: 1,330
सरायकेला-खरसावां
• कुल म्यूटेशन मामले: 61,840
• निस्तारित मामले: 29,420
• खारिज मामले: 31,150
• लंबित मामले: 1,270
चतरा
• कुल म्यूटेशन मामले: 54,180
• निस्तारित मामले: 25,810
• खारिज मामले: 27,240
• लंबित मामले: 1,130
जामताड़ा
• कुल म्यूटेशन मामले: 48,220
• निस्तारित मामले: 22,950
• खारिज मामले: 24,250
• लंबित मामले: 1,020
कोडरमा
• कुल म्यूटेशन मामले: 44,910
• निस्तारित मामले: 21,410
• खारिज मामले: 22,580
• लंबित मामले: 920
साहिबगंज
• कुल म्यूटेशन मामले: 39,450
• निस्तारित मामले: 18,820
• खारिज मामले: 19,810
• लंबित मामले: 820
पश्चिमी सिंहभूम
• कुल म्यूटेशन मामले: 36,120
• निस्तारित मामले: 17,210
• खारिज मामले: 18,170
• लंबित मामले: 740 लातेहार
• कुल म्यूटेशन मामले: 31,650
• निस्तारित मामले: 15,110
• खारिज मामले: 15,900
• लंबित मामले: 640
पाकुड़
• कुल म्यूटेशन मामले: 28,450
• निस्तारित मामले: 13,580
• खारिज मामले: 14,310
• लंबित मामले: 560
लोहरदगा
• कुल म्यूटेशन मामले: 24,180
• निस्तारित मामले: 11,520
• खारिज मामले: 12,170
• लंबित मामले: 490
सिमडेगा
• कुल म्यूटेशन मामले: 21,340
• निस्तारित मामले: 10,180
• खारिज मामले: 10,720
• लंबित मामले: 440
खूंटी
• कुल म्यूटेशन मामले: 18,489
• निस्तारित मामले: 8,812
• खारिज मामले: 9,291
• लंबित मामले: 386
