Giridih: नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 06 अंतर्गत कृष्णा नगर, लखारी, शिवपुरी, बोड़ो, शशांक बेड़ा सहित कई मोहल्लों में पिछले करीब दो महीनों से जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है, भीषण गर्मी के बीच लोगों को नियमित पानी नहीं मिलने से आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त है, स्थिति यह है कि बीते सात दिनों में कई इलाकों में लोगों को मात्र एक घंटे ही पानी मिल पाया है,

वार्ड पार्षद ने नगर निगम प्रशासन व जलापूर्ति एजेंसी पर लगाया लापरवाही का आरोप
पानी की गंभीर समस्या से परेशान स्थानीय लोग वार्ड पार्षद संजीव कुमार के नेतृत्व में उपनगर आयुक्त से मिलने पहुंचे और जलापूर्ति बाधित होने के कारणों की जानकारी मांगी. लोगों ने सवाल उठाया कि महीनों से समस्या बनी रहने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया. इस दौरान वार्ड पार्षद संजीव कुमार ने नगर निगम प्रशासन एवं जलापूर्ति एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत और निष्पक्ष जांच की मांग के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है. उनके अनुसार एजेंसी की मनमानी और भ्रष्ट कार्यशैली के कारण पूरी जलापूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देने में लगे हैं.
पानी प्लांट का मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित
उन्होंने बताया कि नगर निगम लगातार “लो वोल्टेज” का हवाला देकर जिम्मेदारी बिजली विभाग पर डाल रहा है, जबकि बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया है कि वोल्टेज की कोई समस्या नहीं है. उनका कहना है कि पानी प्लांट का मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित है. इससे विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की स्थिति साफ दिखाई दे रही है. वार्ड पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि चैताडीह पाइपलाइन के रेजिंग पाइप के जरिए कुछ चुनिंदा लोगों को अवैध रूप से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके कारण बाजार समिति एवं मवेशी अस्पताल स्थित मुख्य टैंक पूरी तरह भर नहीं पा रहे हैं और आम लोगों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा. उन्होंने संबंधित एजेंसी एवं विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना लागू नहीं की गई, तो जनता का आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने कहा कि “पानी नहीं तो टैक्स नहीं” जैसे आंदोलनात्मक स्वर अब लोगों के बीच तेजी से उठने लगे हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
इस दौरान अरविंद झा, विकास, राजीव सिंह, मोहन तुरी, कुंदन सिंह, राहुल पांडेय, तारा देवी, मुन्ना यादव, सोनू, संदीप पासवान, सुजीत सिन्हा, राजेश सिन्हा और मंटू सिंह समेत कई स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम पहुंचकर जल संकट पर अपना आक्रोश जताया और जल्द समाधान की मांग की.
यह भी पढ़ें: रांची: मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग अलर्ट, जून से शुरू होगा राज्यव्यापी अभियान
