Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें सभी दलों ने निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया की जरूरत पर जोर दिया. बैठक में साफ संदेश दिया गया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान हर दावे और आपत्ति की गंभीरता से जांच होगी तथा योग्य नागरिकों के मताधिकार की पूरी सुरक्षा की जाएगी.

राज्य में 30 जून से शुरू होगा यह अभियान
राज्य में यह अभियान 30 जून से शुरू होगा. इसके पहले 15 जून से बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि घर-घर सत्यापन और दस्तावेज जांच का कार्य सही तरीके से पूरा हो सके. आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है. बैठक में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सभी दलों ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हर भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए. साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी व्यक्ति का नाम बिना उचित कारण के नहीं हटाया जाए.
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राजनीतिक दलों के नेताओं ने रखे अपने विचार
भाजपा नेता राकेश प्रसाद ने कहा कि पार्टी स्तर पर बूथों में बीएलए की नियुक्ति कर दी गई है और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है. वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग उठाई. कांग्रेस नेता किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी या पक्षपात नहीं होना चाहिए. वहीं सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि योग्य मतदाताओं के नाम लंबित रखने की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए और हर पात्र नागरिक को समय पर सूची में जोड़ा जाना चाहिए.
