Ranchi: झारखंड में नीली क्रांति (मत्स्य पालन) को बढ़ावा देने और स्थानीय मत्स्य बीज उत्पादकों को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक कार्य योजना तैयार की है. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के उपक्रम झारखण्ड राज्य सहकारी मत्स्य संघ लिमिटेड (झास्कोफिश) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत राज्यभर के मत्स्य पालकों को जिला मत्स्य कार्यालयों के माध्यम से आधुनिक फ्राई कैचिंग नेट उपलब्ध कराए जाएंगे. इस योजना से मत्स्य उत्पादन की गुणवत्ता और क्षमता दोनों में सुधार होगा.
आधुनिक तकनीकों से लैस होगा फ्राई कैचिंग नेट
मत्स्य पालकों की जरूरतों और आधुनिक मानकों को ध्यान में रखते हुए इस कार्य योजना के तहत बेहतरीन तकनीकी विशिष्टताओं वाले उपकरणों का चयन किया जा रहा है. मुख्य जाल के लिए 2 मिलीमीटर मेश साइज वाले उच्च गुणवत्ता के नायलॉन या एचडीपीई मटेरियल का उपयोग होगा, जो पूरी तरह गांठ-रहित होगा ताकि छोटी मछलियों को नुकसान नहीं पहुंचे.

पानी में जाल को सही संतुलन देने के लिए मजबूत पीवीसी सॉलिड फोम और प्लास्टिक फ्लोट्स लगाए जाएंगे. साथ ही, जाल को तेजी से पानी में नीचे ले जाने के लिए लेड (सीसा) और लोहे के सिंकर का संयोजन किया जाएगा. जाल के संचालन को मजबूती देने के लिए 2 मिलीमीटर से लेकर 12 मिलीमीटर तक की वर्जिन ग्रेड नायलॉन और पॉलीप्रोपाइलीन रस्सियों का इस्तेमाल होगा.
5 जून तक कर सकेंगे आवेदन
झास्कोफिश के निदेशक परिषद की 12वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर इस योजना का खाका खींचा गया है. राज्य के प्रतिष्ठित सप्लायर्स और फर्मों के माध्यम से इन विशिष्ट सामग्रियों की दरों का निर्धारण किया जा रहा है.
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जिला स्तर पर शुरू होगी आपूर्ति
इच्छुक प्रतिभागी अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ 5 जून की शाम 6:00 बजे तक रांची के डोरंडा (बटन तालाब) स्थित झास्कोफिश कार्यालय में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं. इसके बाद जिला स्तर पर मत्स्य उत्पादकों को सीधे तौर पर इन नेट की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी.
