Palamu: पलामू जिले के तरहसी प्रखंड अंतर्गत स्तरोन्नत +2 उच्च विद्यालय (सिलदिलिया) की शिक्षिका श्रीमती भारती पाण्डेय के चाइल्ड केयर लीव (शिशु देखभाल अवकाश) स्वीकृति में देरी और उस कारण गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DO) कार्यालय का जोरदार घेराव कर प्रदर्शन किया तथा शिक्षिका को न्याय दिलाने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने डीईओ कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और घूसखोरी का सीधा आरोप लगाया. भाजपा नेताओ ने कहा कि पलामू के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है. महिलाओं को उनके जायज मातृत्व अवकाश और शिशु देखभाल अवकाश के लिए डीईओ कार्यालय द्वारा 50-50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है. जो कर्मचारी रिश्वत देने से इनकार करते हैं, उनकी संचिकाओं को अटका दिया जाता है और अवकाश मंजूर नहीं किया जाता. इसी घूसखोरी और लापरवाही के कारण समय पर छुट्टी न मिलने से एक शिक्षिका के बच्चे की पेट में ही मौत हो गई और शिक्षिका की जान भी खतरे में पड़ गई. उन्होंने इसे सभ्य समाज के मुंह पर एक बड़ा तमाचा बताया.
जो सरकार ‘अबुआ राज’ का दावा करती है, असल में वह ‘ठगुआ राज’ बनकर रह गई
भाजपा ने इस मुद्दे पर राज्य की वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जो सरकार ‘अबुआ राज’ का दावा करती है, असल में वह ‘ठगुआ राज’ बनकर रह गई है. भ्रष्टाचार में लिप्त पदाधिकारियों पर सरकार कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर रही है. भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्ट पदाधिकारियों को बर्खास्त कर बाहर का रास्ता नहीं दिखाया गया, तो भाजपा का यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा तथा पलामू की जनता ऐसे भ्रष्टाचारियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.पलामू जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने बतया कि”पलामू के शिक्षा विभाग में डीईओ कार्यालय में भ्रष्टाचार व्याप्त है. महिलाओं को अपने बच्चों की देखरेख के लिए मातृत्व अवकाश के लिए शिक्षा विभाग डीईओ के द्वारा 50-50 हजार रुपया मांगा जा रहा है. जो महिला, जो कर्मी नहीं दे रहा है, वैसे लोगों को मातृत्व और शिशु देखरेख के अवकाश का लाभ भी नहीं मिल रहा है.
भ्रष्ट पदाधिकारी को बाहर फेंकने का काम BJP के कार्यकर्ता और नेता करेंगे
जिस प्रकार से पूरे विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है, आज हम सब इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और नेता यहाँ पहुँचकर यह कहने आए हैं कि आपके विभाग में भ्रष्टाचार कितना चरम पर है कि महिलाओं को मातृत्व अवकाश और भरण-पोषण (देखभाल) अवकाश के लिए भी पैसे की डिमांड हो रही है. जब तक पैसा नहीं मिल रहा है, तब तक छुट्टी भी लोगों को नहीं मिल रही है. इसी प्रक्रम में एक महिला के बच्चे की डेथ हो जाती है गर्भ में और वह महिला भी मौत से जूझ रही है. आज सभ्य समाज के ऊपर यह बहुत बड़ा तमाचा है. इस कार्यक्रम के माध्यम से पलामू प्रशासन को, झारखंड सरकार को, शिक्षा विभाग को और हेमंत सोरेन जी को जो कहते हैं कि ‘अबुआ राज’ है हम सब कहना चाहते हैं कि झारखंड का आपके समय का यह राज अबुआ नहीं, बल्कि ‘ठगुआ राज’ है. ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारी के ऊपर यदि आप कार्रवाई नहीं करते हैं, तो ऐसे पदाधिकारी को हाथ पकड़कर बाहर फेंकने का काम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और नेता करेंगे और भ्रष्टाचारियों को पलामू बर्दाश्त नहीं करेगा.”
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