Palamu: पलामू जिले के चैनपुर में जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एक नाबालिग बच्ची की जिंदगी बर्बाद होने से बचा लिया. जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार आज 8 मार्च 2026 को चैनपुर प्रखंड के चकहरभों गांव में एक नाबालिग बालिका का विवाह प्रशासन के हस्तक्षेप से रोक दिया गया. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान के नेतृत्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और चैनपुर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की.

परिजनों को प्रशासन ने समझाया, माने परिजन
बता दें कि चकहरभों निवासी वीरेंद्र कुमार चौरसिया की 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री का विवाह रविवार, 8 मार्च को संपन्न होना था. इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की. प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी परिणामों और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया. इसके बाद परिजन अपनी गलती स्वीकार करते हुए बेटी की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने पर सहमत हुए. इस अभियान में चैनपुर थाना प्रभारी और महिला पर्यवेक्षिका निर्मला कुमारी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई.

