Palamu: मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोयल नदी तट पर हुए गोलीकांड मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए आरोपी सुमित के परिजनों ने अस्पताल परिसर और कैदी वार्ड के बाहर जमकर हंगामा किया. आरोपी के भाई और परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे साजिश और फर्जी एनकाउंटर करार दिया है.

सदर अस्पताल परिसर में मीडिया से बात करते हुए आरोपी सुमित के भाई ने बताया कि उनके भाई का इस गोलीकांड या किसी आपराधिक गिरोह से कोई लेना-देना नहीं है. परिजनों का दावा है कि सुमित पूरी तरह से बेकसूर है और घटना वाले दिन वह अपनी दो बेटियों (जिनमें से एक को कुत्ते ने काट लिया था) का इलाज कराने के लिए बाहर गया हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की चार सदस्यीय टीम सुबह तड़के करीब 4 बजे सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में बैरिया स्थित आवास पर पहुंची और सुमित को अपने साथ उठाकर ले गई.

अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा
परिजनों का आरोप है कि सुमित को हिरासत में लेने के बाद जब वे उसकी जानकारी लेने थाने पहुंचे, तो उन्हें बार-बार टहलाया गया और भाई से मिलने नहीं दिया गया. परिजनों को बाद में पता चला कि पुलिस ने उसे गोली मार दी है और वह सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती है. कैदी वार्ड के बाहर पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें सुमित से मिलने नहीं दे रही है. सुमित के भाई ने दावा किया कि उस जगह के सीसीटीवी फुटेज में भी सुमित कहीं नजर नहीं आ रहा है. इसके बावजूद पुलिस उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर मुठभेड़ की कहानी गढ़ रही है. अस्पताल परिसर में परिजनों के हंगामे को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.


