Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के आगाज से पहले ही राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है. भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सदन की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने और युवाओं के हक में आवाज उठाने की रणनीति तैयार की है.


युवाओं और परीक्षार्थियों के भविष्य का सवाल
JPSC की परीक्षाओं और JSSC की विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों और OMR शीट में हेरफेर के आरोपों ने राज्यभर के छात्रों को आंदोलित कर रखा है. राजधानी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के समीप अनिश्चितकालीन धरना और सत्याग्रह जारी है. विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार की नीतियों और ढुलमुल रवैये के कारण लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. भाजपा, आजसू और सहयोगी दलों के विधायक अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI ) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं.

एनडीए विधायक दल ने बनाई आक्रामक रणनीति
विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले NDA विधायक दल की बैठक में सरकार को चौतरफा घेरने का खाका तैयार किया गया. विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे न केवल सदन के बाहर बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि सदन के भीतर भी युवाओं, रोजगार और परीक्षाओं की पारदर्शिता के संवेदनशील विषयों को प्रमुखता से उठाएंगे. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और विपक्षी विधायकों ने साफ किया है कि जब तक अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिलता और भर्ती तंत्र में पारदर्शिता कायम नहीं होती, तब तक सरकार से तीखे सवाल पूछे जाते रहेंगे.

सत्ता पक्ष का पलटवार
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ ‘इंडिया’ गठबंधन ने भी विपक्षी हमलों का मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाई है. सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार के किसी भी आरोप पर संवेदनशील है और मामले की जांच CID से कराई जा रही है. साथ ही, सत्ता पक्ष NEET परीक्षा में हुए विवादों और केंद्र से जुड़े मुद्दों को हथियार बनाकर भाजपा पर पलटवार करने की तैयारी में है.
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