Palamu : मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के चियांकी गांव में फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई तीखी झड़प के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. सदर अंचल अधिकारी जागो महतो के लिखित आवेदन पर सदर थाने में 25 नामजद और करीब 100 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक मुस्तैदी बढ़ा दी गई है.
ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई का किया विरोध
आपको बताते चले कि कल प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए चियांकी गांव पहुंची थी. इसी दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने जबरन जमीन अधिग्रहण करने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और मौके पर स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई. दोनों पक्षों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद अचानक पथराव शुरू हो गया. इस पत्थरबाजी में जैप (JAP) जवान राजमोहन सिंह, महिला सहायक पुलिसकर्मी प्रिया सिंह और पुलिसकर्मी मोहम्मद जावेद गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके साथ ही झड़प के दौरान दो मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त हो गए और कई सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया.

ग्रामीणों का कहना है कि
दूसरी ओर, ग्रामीण पक्ष ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन ने उन पर जबरन लाठीचार्ज किया, जिसमें चिंता देवी, सुनील उरांव और सुरेश उरांव नामक ग्रामीण घायल हो गए. सभी घायल ग्रामीणों को तुरंत इलाज के लिए मेदिनीनगर के MMCH में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. गौरतलब है कि इस अभियान के दौरान संभावित विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी SDM संजय पांडेय ने एहतियात के तौर पर पहले ही 9 और 10 जुलाई के लिए चियांकी क्षेत्र में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा धारा 144 का नया रूप लागू कर दी थी. इस हिंसक टकराव के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है. फिलहाल पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच भूमि अधिग्रहण का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से जारी है.


