Ranchi: कहावत है कि शादी के घर में फूफा जी अक्सर रूठे हुए मिलते हैं. अब वही हाल मंत्री राधा कृष्ण किशोर का है. सरकार से खफा होकर वह अपनी सुरक्षा गार्ड वापस कर देते हैं. पार्टी के आला अधिकारियों से भी उनकी नहीं पटती. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से उनकी नाराजगी साबित हो चुकी है. दिल्ली में रहते हुए वह सरकार के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेते हैं. जबकि उनकी ही पार्टी की मंत्री दीपिका पांडे सिंह की मौजूदगी पूरे कार्यक्रम के दौरान देखने को मिलती है. तो ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि पार्टी आखिर इन्हें टॉलरेट क्यों कर रही है. जबकि जाति समीकरण की बात करें, तो पार्टी के पास एससी समुदाय के दूसरे विधायक भी मौजूद हैं. जिन्हें आराम से मंत्री पद से नवाजा जा सकता है.

आखिर इतनी नाराजगी तो इस्तीफा क्यों नहीं देते
आए दिन मीडिया और सोशल मीडिया में राधा कृष्ण किशोर का सरकार और पार्टी विरोधी बयान देखने और सुनने को मिलता है. कांग्रेस पार्टी के एक आला अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जितना ये अपनी पार्टी और सरकार के खिलाफ बयान देते हैं, उतना अगर विपक्ष को घेरने के लिए बयानबाजी करते, तो पार्टी इन्हें सिर पर बैठाकर रखती. साथ ही उन्होंने कहा कि जिस बीजेपी को पूरे देश में कांग्रेस घेरने का काम कर रही है, उसी बीजेपी के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर उनके राज्य का वित्तीय प्रबंधन समझने के लिए जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर इतनी ही नाराजगी इन्हें पार्टी और सरकार से है, तो वह इस्तीफा क्यों नहीं दे देते.

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सोशल मीडिया पर कर रहे बयानबाजी
दिल्ली से लौटकर मंत्री राधा कृष्ण किशोर अब सोशल मीडिया पर बयान दे रहे हैं. वह लिख रहे हैं कि आसमान अनंत है. आसमान किसी सांसारिक या भौतिक पद पर टिका हुआ नहीं है, जो इसका अंत हो जाए. मानव शरीर नश्वर भले ही है, परंतु उसके अच्छे कृत्य आसमान में चमकते हैं. मैं सूरज पर मकान बनाकर छाया तलाशने वालों में से नहीं हूं. आखिर ऐसा उन्होंने क्यों लिखा है, समझ के परे है. इस मामले पर एक सीनियर कांग्रेसी से कहा कि शायद वह आसमान में थूकने वाली कहावत को कहना चाह रहे होंगे.


