NewsWave Desk: पैसिव स्मोकिंग क्या होती है?अगर आप खुद सिगरेट नहीं पीते, लेकिन आपके पास कोई दूसरा व्यक्ति सिगरेट पीता है और उसका धुआं आप सांस में लेते हैं, तो इसे पैसिव स्मोकिंग कहते हैं. यह धुआं भी उतना ही हानिकारक है जितना खुद सिगरेट पीना. इसमें 7,000 से ज्यादा जहरीले रसायन होते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं.
पैसिव स्मोकिंग से होने वाले नुकसान
- कैंसर का खतरा: दूसरों के धुएं में सांस लेने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा 20-30% तक बढ़ जाता है.
- दिल की बीमारी: यह दिल और खून की नसों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
- सांस की दिक्कतें: इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सांस लेने में परेशानी जैसी बीमारियां हो सकती हैं.
- बच्चों पर असर: छोटे बच्चों के फेफड़े सही से नहीं बढ़ पाते और उन्हें निमोनिया या अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
- गर्भवती महिलाओं पर असर: गर्भावस्था में धुएं के संपर्क से बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.
कैसे बचें?
पैसिव स्मोकिंग से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप घर, गाड़ी और ऑफिस को पूरी तरह धूम्रपान मुक्त रखें. इससे आप और आपके परिवार की सेहत सुरक्षित रहेगी.
