Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) प्रोग्राम – क्रिटिकल केयर एंड इमरजेंसी मेडिसिन” आयोजित करने की मंजूरी दी है. इस कार्यक्रम पर कुल 29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
अस्पतालों के 30 डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के 30 डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें जमशेदपुर, धनबाद, दुमका, पलामू और हजारीबाग के डॉक्टर शामिल होंगे. प्रशिक्षण का उद्देश्य डॉक्टरों को आपातकालीन चिकित्सा, क्रिटिकल केयर और जीवन रक्षक इलाज की आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाना है, ताकि जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज हो सके.

दो बैचों में आयोजित किया जाएगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रिम्स, रांची में दो बैचों में आयोजित किया जाएगा. प्रत्येक बैच में 15 डॉक्टर शामिल होंगे और प्रशिक्षण 5 दिनों का रेजिडेंशियल प्रोग्राम होगा. पहले बैच की ट्रेनिंग 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 और दूसरे बैच की ट्रेनिंग 20 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित है. प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों को BLS, ACLS, मैकेनिकल वेंटिलेशन, डिफिकल्ट एयरवे मैनेजमेंट, सेप्सिस-शॉक की पहचान, वासोप्रेसर और फ्लूइड मैनेजमेंट तथा ट्रॉमा केयर जैसे विषयों पर व्यावहारिक और मॉड्यूल आधारित ट्रेनिंग दी जाएगी.
सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए 24 लाख रुपये प्रशिक्षण संचालन पर और 5 लाख रुपये प्रतिभागियों के आवास-भोजन व अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च करने की स्वीकृति दी है. विभाग का मानना है कि इस प्रशिक्षण के बाद डॉक्टर अपने-अपने संस्थानों में अन्य चिकित्सकों को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पूरे राज्य में इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर सेवाओं की गुणवत्ता मजबूत होगी
यह भी पढ़ें: हजारीबाग: मुहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी; डीजे और भड़काऊ गीतों पर प्रतिबंध


