Ranchi: झारखंड में इस साल मानसून की चाल उम्मीदों के विपरीत बेहद धीमी और कमजोर रही है. एक जून से 17 जुलाई के बीच राज्य में होने वाली सामान्य वर्षा के मुकाबले इस बार भारी कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पूरे राज्य में औसतन 40 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिसने किसानों और आम जनमानस की चिंता बढ़ा दी है. राज्य का औसत सामान्य वर्षापात 359.8 मिलीमीटर होना चाहिए था, लेकिन अब तक मात्र 216.8 मिलीमीटर ही बारिश हो पाई है.
सूखे की कगार पर कई जिले
झारखंड के विभिन्न जिलों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है. गढ़वा में सामान्य से 72 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. वहीं, चतरा में 70%, कोडरमा में 63% और पाकुड़ में 61% बारिश कम हुई है. इन इलाकों में सामान्य वर्षा का स्तर न के बराबर रहा है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई पर गहरा असर पड़ रहा है.
कहां कैसी है स्थिति
हजारीबाग, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, साहिबगंज और पलामू जैसे जिलों में सामान्य से करीब 49 से 52 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं, सिमडेगा में 14% और दुमका में 18% बारिश कम हुई है. रांची, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में भी स्थिति करीब 24 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
क्या हो रहा नुकसान
जुलाई का महीना धान की रोपाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है. पर्याप्त बारिश न होने के कारण धान के बिचड़े तैयार होने में देरी हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून के ट्रफ लाइन की स्थिति और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र ही अब बारिश की स्थिति में सुधार ला सकते हैं. फिलहाल राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बादलों की आवाजाही तो दिख रही है, लेकिन वे बरस नहीं रहे हैं.
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