Ranchi: झारखंड की राजनीति और सामाजिक संगठनों के बीच वरिष्ठ शिक्षाविद् और समाजसेवी डॉ. राजाराम महतो का नाम राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में चर्चा में आ गया है. विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाजपा नेतृत्व से उनकी दावेदारी पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है.

झारखंड कुर्मी संघर्ष मोर्चा, कुरमाली भाषा परिषद, बाईसी कुड़ुख, देवल उरांव स्मारक समिति और झारखंड नाई समाज सहित कई संगठनों का कहना है कि डॉ. महतो लंबे समय से शिक्षा, भाषा-संस्कृति और सामाजिक अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं.
खुटगाड़ आंदोलन में रही अहम भूमिका
संगठनों के अनुसार, खुटगाड़ आंदोलन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है और उन्होंने विभिन्न वर्गों को जोड़ने का कार्य किया है. उनका मानना है कि डॉ. महतो केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि बौद्धिक और सामाजिक नेतृत्व का भी प्रतिनिधित्व करते है. सामाजिक संगठनों का कहना है कि राज्यसभा में ऐसे प्रतिनिधि की आवश्यकता है जो शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के मुद्दों को मजबूती से उठा सके. उनके अनुसार, डॉ. महतो की उपस्थिति झारखंड के सामाजिक मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से रख सकती है.
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा इस नाम पर विचार करती है तो उसे विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सकारात्मक संदेश मिल सकता है. हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को लेना है. फिलहाल इस मांग के बाद झारखंड की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और सभी की नजरें भाजपा के अंतिम फैसले पर टिकी है.
