Ranchi: जिला के तमाम संवेदनशील क्षेत्रों में शनिवार की देर रात मुहर्रम का त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी सौहार्द के वातावरण में संपन्न हो गया. इस दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, और पूरे जिले में भाईचारे का माहौल देखने को मिला.
रणनीतिक सूझबूझ और प्रशासनिक टीम रही मुस्तैद:
मुहर्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के पीछे रांची जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों की कार्यशैली और रणनीतिक सूझबूझ की मुख्य भूमिका रही. मंजुनाथ भजंत्री (डीसी),राकेश रंजन(एसएसपी), पारस राणा (सिटी एसपी), राकेश सिंह (ट्रैफिक एसपी), एसडीओ, गौरव गोस्वामी (ग्रामीण एसपी) ने न सिर्फ धरातल पर कानून-व्यवस्था को मजबूत रखा, बल्कि जनता के बीच जाकर उनका विश्वास जीतकर सांप्रदायिक सौहार्द की एक नई मिसाल पेश की है.


बैठकें और जन-संवाद का दिखा असर
पिछले एक सप्ताह से पूरी पुलिस और प्रशासनिक टीम लगातार अलर्ट मोड पर थी. अधिकारियों ने कार्यालयों में बैठने के बजाय मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्ध जनों, शांति समिति के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया. उन्हें सुरक्षा का अटूट भरोसा दिलाया और शांतिपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की. प्रशासन के इसी जन-सरोकारी दृष्टिकोण का परिणाम रहा कि सबसे संवेदनशील माने जाने वाले मोड़ों और चौराहों पर भी अखाड़ा और ताजिए के जुलूस पूरी शालीनता, अनुशासन व भाईचारे के साथ निकाले गए. यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी सड़कों पर मुस्तैद दिखी. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की इस कर्तव्यनिष्ठा, सजगता और 24 घंटे मुस्तैद रहने वाली कार्यशैली की अब पूरे जिले में जमकर सराहना हो रही है. आम जनता, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शीर्ष अधिकारियों के आपसी बेहतरीन तालमेल और सुदूर गांवों तक उनकी व्यक्तिगत पहुंच के कारण ही रांची जिला इस बड़े इम्तिहान में पूरी तरह सफल रहा.


