Chakardharpur : चक्रधरपुर झारखंड राज्य में 10 दिनों के भीतर तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए जाने पर नकटी पंचायत के हाथीबारी गांव निवासी समीर पूर्ति ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है.

महंगाई और बेरोजगारी पर उठाए सवाल
समीर पूर्ति ने कहा कि आज देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, रुपया कमजोर होता जा रहा है, बेरोजगारी चरम पर है और आम आदमी की कमर टूट चुकी है. हर दिन जनता पर नए आर्थिक बोझ डाले जा रहे हैं, लेकिन सरकार के पास न कोई ठोस नीति दिखाई देती है और न ही भविष्य का स्पष्ट विजन.
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश के हर वर्ग पर पड़ता है. किसान की खेती महंगी हो गई है, ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है और बाजार में रोजमर्रा की वस्तुएं लगातार महंगी हो रही हैं. मध्यम वर्ग से लेकर गरीब परिवार तक हर घर का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है.
आर्थिक बदहाली से जूझ रही जनता
समीर पूर्ति ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर देश की अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है. जनता जवाब चाहती है कि क्या सरकार सिर्फ भाषणों, इवेंट्स और प्रचार तक सीमित रह गई है. उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक आज महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असुरक्षा के बीच संघर्ष करने को मजबूर है. देश को मजबूत आर्थिक नीति, रोजगार और राहत की जरूरत है, लेकिन वर्तमान सरकार ने लोगों को विकास के सपने नहीं बल्कि महंगाई और परेशानियों का बोझ दिया है.
दाम कम करने की मांग
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी करने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि दाम लगातार बढ़ते रहे तो गरीब लोगों के लिए भोजन जुटाना भी मुश्किल हो जाएगा.
