Ranchi : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है. इस बार राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा किसी होटल या मुख्यमंत्री आवास की नहीं, बल्कि रांची के डिबडीह स्थित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कार्यालय की हो रही है. माना जा रहा है कि राजद की रणनीति इस चुनाव के परिणाम और सत्ता समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकती है.
मुख्यमंत्री आवास में महागठबंधन की निगरानी
राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन ने अपने सभी विधायकों को मुख्यमंत्री आवास में एकजुट रखा है. यहां लगातार बैठकों का दौर जारी है और विधायकों पर करीबी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोका जा सके.
होटल पॉलिटिक्स में जुटा NDA
वहीं दूसरी ओर NDA ने अपने विधायकों को एक होटल में ठहराया है. राजनीतिक गलियारों में इसे ‘होटल पॉलिटिक्स’ के रूप में देखा जा रहा है. इसका उद्देश्य विधायकों को एक साथ रखना और बाहरी संपर्क से दूर रखते हुए मतदान तक एकजुट बनाए रखना है.
महागठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद राजद ने अपना अलग डेरा जमा रखा है. डिबडीह स्थित पार्टी कार्यालय में लगातार बैठकों और रणनीति निर्माण का दौर चल रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजद की यह रणनीति कई संकेत दे रही है. इनमें अंतिम समय तक सस्पेंस बनाए रखना, दोनों खेमों के बीच अपनी राजनीतिक भूमिका को मजबूत करना और मोलभाव की स्थिति बनाए रखना शामिल है.
18 जून को साफ होगी तस्वीर
18 जून को होने वाले मतदान के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि राजद ने किस रणनीति के साथ चुनावी मैदान में कदम बढ़ाया. साथ ही यह भी तय होगा कि किस गठबंधन की रणनीति सफल रही और किसने अंतिम समय में सियासी बाजी अपने पक्ष में पलटने में सफलता हासिल की.
फिलहाल राज्यसभा चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक केंद्र डिबडीह स्थित राजद कार्यालय बना हुआ है, जहां से झारखंड की सियासत की अगली चाल तय होती नजर आ रही है.
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