Saraikela: समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली, आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा आमजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने को लेकर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने निर्देश दिया, कि प्रत्येक पात्र लाभुक तक स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे. इसके लिए सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. उन्होंने सभी कार्यालय प्रधानों को अपनी जवाबदेही के साथ कार्य करने तथा पदाधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी.

इस दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.
पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड के जरिए लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश
बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें कैशलेस उपचार का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. साथ ही टेलीमेडिसिन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हुए दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया. उपायुक्त ने कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण एवं मरीज हितैषी वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए. अस्पतालों में मेंटेनेंस फंड का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने, रख-रखाव कार्यों की नियमित निगरानी के लिए उत्तरदायी टीम गठित करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने को कहा.
उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सीय उपकरणों के स्टॉक का अद्यतन अभिलेख संधारित करने तथा किसी भी आवश्यक दवा की कमी नहीं होने देने के निर्देश दिए. साथ ही अनुपयोगी एवं कबाड़ सामग्री के वैज्ञानिक स्क्रैप प्रबंधन तथा एक्सपायरी दवाओं के सुरक्षित एवं नियमानुसार निस्तारण के लिए अलग टीम गठित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
अधिकारियों को बेहतर सेवाओं के प्रभावी संचालन के निर्देश
बैठक में प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में ड्यूटी रोस्टर, शिफ्ट हैंडओवर एवं दैनिक कार्य प्रतिवेदन (Daily Duty Report) का नियमित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतरता एवं जवाबदेही बनी रहे. द हंस फाउंडेशन के सहयोग से संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए. इस दौरान जिले की बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए दो नए एक्स-रे मशीनों की मांग से संबंधित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया. साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नीमडीह के आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्यों के प्रस्ताव की समीक्षा की गई, ताकि आम नागरिकों को बेहतर आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी, सभी MOIC तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (BPM) एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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