Saraikela : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों हाथियों का आतंक बढ़ गया है. खेत से लेकर खलिहान तक किसान परेशान हैं और आम जनता भयभीत होकर जी रही है. शाम ढलते ही राहगीरों में भी डर का माहौल है. आए दिन हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि
ईचागढ़ के पापरिदा और शालुकडीह के आसपास दो ट्रस्कर हाथियों ने किसानों की खड़ी फसल को तहस-नहस कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार शाम ढलते ही हाथियों का झुंड जंगल छोड़कर सुदूरवर्ती गांवों में घुस जाता है और घरों को निशाना बनाकर रखे अनाज को अपना निवाला बनाता है. बरसात के समय मिट्टी के घरों को सबसे अधिक नुकसान पहुंच रहा है. कई बार दीवार टूटने से सोए हुए परिवार के लोग घायल भी हो चुके हैं. इससे पूरे क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि चांडिल वन क्षेत्र के पदाधिकारी सिर्फ मोबाइल नंबर , मोबिल और पटाखे देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं. हाथियों को भगाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है. मजबूरन लोग ईश्वर भरोसे जीवन बिता रहे हैं.
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