गिरिडीह: सरिया को जिला बनाने की मांग तेज, त्रिभुवन मंडल का आमरण अनशन 48 घंटे से जारी

Giridih: सरिया अनुमंडल को अलग जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. जिला बनाओ संघर्ष समिति...

गिरिडीह
सरिया को जिला बनाने की मांग पर आंदोलन तेज

Giridih: सरिया अनुमंडल को अलग जिला बनाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. समिति के प्रमुख आंदोलनकारी त्रिभुवन मंडल पिछले 48 घंटे से आमरण अनशन पर बैठे हैं. उनके समर्थन में क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं.

जिला बनने की सभी शर्तें पूरी होने का दावा

आमरण अनशन पर बैठे त्रिभुवन मंडल ने कहा कि सरिया लंबे समय से जिला बनने की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करता है, लेकिन इसके बावजूद सरकार इस मांग को लगातार नजरअंदाज कर रही है. उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए सरिया को जिला का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और प्रभावी हो सके.

लोगों को उठानी पड़ रही है परेशानी

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरकारी कामकाज, न्यायिक प्रक्रिया, राजस्व संबंधी कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए लोगों को गिरिडीह मुख्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. इससे समय और आर्थिक संसाधनों की बर्बादी होती है, उनका कहना है कि यदि सरिया को जिला बनाया जाता है, तो अधिकांश सरकारी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.

जनता की भावनाओं का आंदोलन

जिला बनाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सरिया क्षेत्र की जनता की भावनाओं का आंदोलन है. वर्षों से विभिन्न माध्यमों से सरकार तक यह मांग पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, इसी कारण समिति को आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा.

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सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

संघर्ष समिति ने सरकार से सरिया को जिला बनाने के प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है. समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. इसके तहत जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन, रैली तथा अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

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