Seraikela: जमशेदपुर-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने नए आरओबी से यात्री वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है. इससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिली है. हालांकि, दूसरी ओर चांडिल गोलचक्कर का पुराना मार्ग अचानक बंद किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों, वाहन चालकों और दुकानदारों में नाराजगी है. तंकोचा और वातकमकोचा की ओर जाने वाले ग्रामीणों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है.
बिना सूचना बंद किया गया रास्ता
स्थानीय लोगों के अनुसार पुराने मार्ग पर मिट्टी डालकर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता बंद करने से पहले किसी तरह की सूचना नहीं दी गई. मौके पर स्पष्ट साइन बोर्ड की व्यवस्था भी नहीं की गई है. रात के समय रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है.
आदिवासी गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी
पुराने मार्ग के बंद होने से नीमडीह प्रखंड के तंकोचा और वातकमकोचा जैसे बहुल आदिवासी गांवों के सैकड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ग्रामीण रोजाना चांडिल अनुमंडल, प्रखंड कार्यालय और स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करते थे. रास्ता बंद होने के बाद बाइक और साइकिल से आवागमन भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों का सवाल है कि बिना पर्याप्त सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था किए पुराने रास्ते को कैसे बंद कर दिया गया. लोगों ने प्रशासन से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है.
दुकानदारों के सामने रोजगार का संकट
पुराना मार्ग बंद होने से चांडिल गोलचक्कर पर भी असर पड़ा है. यहां छोटी-बड़ी एक दर्जन से अधिक दुकानें हैं, जिनका कारोबार वाहनों और यात्रियों की आवाजाही पर निर्भर था. आवागमन कम होने से दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घट गई है और कारोबार प्रभावित हो रहा है. दुकानदारों का कहना है कि यदि मार्ग स्थायी रूप से बंद रहा तो उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा. उन्होंने प्रशासन से स्थानीय दुकानदारों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने की मांग की है.

यात्रियों को बस पकड़ने में हो रही परेशानी
चांडिल गोलचक्कर पहले बस स्टैंड की तरह काम करता था. यहां से जमशेदपुर और रांची जाने वाली बसें आसानी से मिल जाती थीं. पुराने मार्ग के बंद होने के बाद यात्रियों को बस पकड़ने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी न तो व्यवस्थित बस स्टैंड बनाया गया है और न ही यात्रियों के लिए शेड की व्यवस्था की गई है.

पुराने मार्ग पर परिचालन शुरू करने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने प्रशासन एवं एनएचएआई से पुराने मार्ग पर यात्री बसों और ऑटो का परिचालन फिर से शुरू कराने की मांग की है. साथ ही तंकोचा और वातकमकोचा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की गई है. नए आरओबी से लंबी दूरी के वाहन चालकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों, यात्रियों और दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है. अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है.
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