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रांची में सनसनीखेज धोखाधड़ी: सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डायरेक्टर बनाने के नाम पर महिला से 72.65 लाख की ठगी, पैसे मांगने पर तानी बंदूक

Ranchi: राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र से भारी वित्तीय धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का एक बेहद गंभीर मामला...

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सांकेतिक इमेज

Ranchi: राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र से भारी वित्तीय धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक महिला चिकित्सक की पत्नी प्रीति कुमारी से नया सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब खोलने तथा उसमें डायरेक्टर व पार्टनर बनाने के नाम पर 72.65 लाख रुपये की बड़ी ठगी की गई है. यही नहीं, जब पीड़ित परिवार ने अपने निवेश किए गए पैसों का हिसाब या रिफंड मांगा, तो आरोपियों द्वारा टेबल पर बंदूक रखकर जान से मारने की धमकी दी गई और मारपीट भी की गई. पीड़ित महिला ने चुटिया थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई है. इस मामले में चुटिया थाने में पीयूष कुमार, डॉ. डेनिस जेस, डॉ. नेहा अनुपमा शीतल और रंजन डीक्रूज (पति डॉ. नेहा अनुपमा शीतल) के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

मेडिकल प्रोफेशन के परिचय का उठाया फायदा

दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता प्रीति कुमारी के पति डॉ. नवीन कुमार और आरोपी डॉ. डेनिस जेस दोनों एक ही मेडिकल प्रोफेशन में होने के कारण एक-दूसरे से परिचित थे. इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर डॉ. डेनिस जेस, डॉ. नेहा अनुपमा शीतल, पीयूष कुमार और रंजन डीक्रूज ने सिरमटोली स्थित ‘डिवाइन पैथोलॉजी’ में एक बैठक की. आरोपियों ने बताया कि वे एक नया अस्पताल ‘डिवाइन सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड’ शुरू कर रहे हैं और इसमें नए डायरेक्टर व पार्टनर की तलाश है.

डायरेक्टर पद और शेयर का झांसा देकर लिए लाखों रुपये

आरोपियों के झांसे में आकर पीड़िता और उनके पति ने निवेश करने का फैसला किया. आरोपियों ने 5 जनवरी 2022 को एक इंट्रोडक्शन लेटर जारी कर निम्नलिखित वादे किए और बड़ी रकम ऐंठ ली. डिवाइन सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डायरेक्टर बनाने और 5% शेयर देने का वादा करके 50 लाख चेक द्वारा और 4 लाख कैश ले लिए. इसके अलावा, डिवाइन पैथोलॉजी में 25% शेयर देने का वादा कर 18,65,000 चेक के माध्यम से ले लिए.

न एग्रीमेंट किया, न दिया बैंक खातों का हिसाब

पैसे लेने के बाद आरोपियों का असली चेहरा सामने आया. आज तक न तो कोई एग्रीमेंट पेपर साइन किया गया, न पीड़िता को डायरेक्टर बनाया गया और न ही शेयर ट्रांसफर किए गए. कंपनी के बैंक खातों, रोजाना के टर्नओवर या खर्चों की कोई भी जानकारी पीड़ित परिवार से पूरी तरह छुपाई गई. पीड़िता द्वारा लगातार किए गए ईमेल और उनके अधिवक्ता द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस का भी आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया.

बैठक में टेबल पर बंदूक रख दी जान से मारने की धमकी

ठगी का यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़िता के पति डॉ. नवीन कुमार ने अस्पताल जाकर इस संबंध में बात करनी चाही. आरोप है कि बैठक के दौरान आरोपी रंजन डीक्रूज (डॉ. नेहा अनुपमा शीतल के पति) ने दबाव बनाने के लिए टेबल पर अपनी बंदूक रख दी और सीधे शब्दों में धमकी देते हुए कहा, “जिंदा रहना है कि नहीं? जो करना है कर लो, न हिसाब देंगे और न पैसा.” इसके बाद रंजन डीक्रूज ने जबरन दबाव डालकर पीड़िता से एक ‘एग्जिट मेल’ भी करवा लिया, लेकिन पैसे फिर भी नहीं लौटाए.

54 लाख लेकर कागजों में दिखाया सिर्फ 10 लाख का शेयर

धोखाधड़ी का खुलासा तब पुख्ता हुआ जब 15 मार्च 2023 को शेयरधारकों का एक पत्र पीड़ित परिवार के हाथ लगा. इस पत्र में चौंकाने वाली बात सामने आई, कि जिस अस्पताल के लिए पीड़िता से 54 लाख वसूले गए थे, वहां उनका 5% शेयर चार्ज सिर्फ 10,00,000 ही दर्शाया गया था. जब इस हेराफेरी के बारे में आरोपी पीयूष कुमार से पूछा गया, तो उसने पीड़िता के पति के साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट व अंजाम भुगतने की धमकी देने लगा.

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