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‘जेल में आत्महत्या करने वाला था’ श्रीसंत का छलका दर्द, वर्षों बाद बयां किया सबसे कठिन दौर

Newswave Desk: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज S. श्रीसंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने अपने...

LONDON, ENGLAND - AUGUST 19: Sreesanth of India exchanges words with Ian Bell of England during day two of the 4th npower Test Match between England and India at The Kia Oval on August 19, 2011 in London, England. (Photo by Gareth Copley/Getty Images)

Newswave Desk: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज S. श्रीसंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने अपने जीवन के उस कठिन दौर को याद किया, जब स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था. श्रीसंत ने खुलासा किया कि उस समय मानसिक रूप से वह इतने टूट चुके थे कि उनके मन में आत्महत्या तक के विचार आने लगे थे.

2013 का विवाद बना जिंदगी का सबसे बड़ा झटका

साल 2013 में इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत को गिरफ्तार किया गया था. इस घटना ने उनके क्रिकेट करियर और निजी जीवन पर गहरा असर डाला. बाद में अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन उस दौरान मिली बदनामी और मानसिक तनाव ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया.

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‘जेल में खुद को बेहद अकेला महसूस करता था’

श्रीसंत ने बताया कि जेल में बिताए दिन उनके जीवन के सबसे मुश्किल दिनों में से थे. उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह पूरी तरह टूट चुके थे और कई बार आत्महत्या का विचार भी मन में आया. हालांकि परिवार, आस्था और करीबी लोगों के सहयोग ने उन्हें उस कठिन दौर से बाहर निकलने की ताकत दी.

परिवार और विश्वास ने दी नई ताकत

पूर्व क्रिकेटर के अनुसार, जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ नजर आ रही थी, तब उनके परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि माता-पिता, पत्नी और ईश्वर में विश्वास ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा. इसी सहारे उन्होंने जीवन की नई शुरुआत की और खुद को संभालने का प्रयास किया.

विवादों के बावजूद नहीं टूटा हौसला

स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद श्रीसंत का क्रिकेट करियर लगभग समाप्त हो गया था. लंबे समय तक प्रतिबंध और कानूनी लड़ाई के कारण वह मैदान से दूर रहे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और कई मंचों पर अपनी बेगुनाही और संघर्ष की कहानी साझा की.

मानसिक स्वास्थ्य पर दिया बड़ा संदेश

अपने अनुभव साझा करते हुए श्रीसंत ने यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपील की कि जीवन में कितनी भी मुश्किलें आएं, कभी हार न मानें और जरूरत पड़ने पर परिवार तथा विशेषज्ञों की मदद लें. श्रीसंत का कहना है कि वह उस अध्याय को कभी भूल नहीं सकते, क्योंकि उसी ने उन्हें जीवन की असली चुनौतियों और रिश्तों की अहमियत समझाई. उनका मानना है कि संघर्ष ने उन्हें पहले से अधिक मजबूत और परिपक्व इंसान बनाया है.

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