News Wave desk: ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है. भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ खींचने के लिए उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई. इस दर्दनाक हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई है, जबकि 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
कैसे हुआ यह हादसा?
घटना शाम करीब 5 बजे की है, जब रथयात्रा की सबसे महत्वपूर्ण पहांडी रस्म चल रही थी. भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने और उनके रथ के करीब जाने के लिए श्रद्धालुओं में अचानक होड़ मच गई. लोग तेजी से रथों की तरफ बढ़ने लगे. यात्रा मार्ग पर तैनात वॉलेंटियर्स और सुरक्षाकर्मी बेकाबू हो रही भीड़ को पीछे धकेलने की कोशिश कर रहे थे. इसी बीच लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. धक्का-मुक्की ने देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया. लोग संतुलन खोकर एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे, जिससे दम घुटने और कुचलने के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.



भारी बारिश के बावजूद 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद
पुरी में इस समय मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है और तेज बारिश हो रही है. इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी. भारी बारिश के बीच भी यात्रा मार्ग पर 10 लाख से अधिक लोगों का हुजूम मौजूद है.यह रथयात्रा मुख्य मंदिर से शुरू होकर 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडीचा मंदिर तक जाएगी. प्रशासन के लिए इतनी विशाल भीड़ को संभालना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
पुरी की रथयात्रा में अत्यधिक भीड़ के कारण पहले भी कई बार भगदड़ जैसी स्थितियां बन चुकी हैं. इतिहास पर नजर डालें तो पिछले सालों में भी इस तरह के हादसे सामने आए हैं
वर्ष 2025: सरधाबली इलाके में भगदड़ (3 मौतें)
पिछले साल 29 जून 2025 को गुंडिचा मंदिर के बाहर सरधाबली इलाके में तड़के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु जुटे थे. भीड़ के अचानक आगे बढ़ने से भगदड़ मची, जिसमें तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे. इस घटना के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे और कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी.
वर्ष 2015
नवकलेवर रथयात्रा (2 मौतें): 18 जुलाई 2015 को नवकलेवर वर्ष होने के कारण रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे. भगवान बलभद्र का रथ खींचे जाने के दौरान ग्रैंड रोड के मारिचिकोट चौक के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया. दम घुटने के कारण दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 6 लोग घायल हुए थे.
ALSO READ : जामताड़ा में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल हुए शामिल
