Ranchi: सरकारी खजाने में सेंधमारी कर वेतन मद से की गई करोड़ों की फर्जी निकासी के मामले में अब एक्शन तेज हो गया है. उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय जांच समिति ने अपनी पहली बैठक के साथ ही इस वित्तीय घोटाले की परतें उधेड़नी शुरू कर दी हैं. समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महज कागजी जांच नहीं होगी, बल्कि फर्जीवाड़े के हर सुराग को बारीकी से खंगाला जाएगा.
पहली बैठक में बड़े फैसले
दस्तावेजों की तलब: समिति ने वित्त विभाग से बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में हुई प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट सहित आवंटन आदेश और बजटीय प्रावधानों के तमाम दस्तावेज मांग लिए हैं.
AG की एंट्री
महालेखाकार कार्यालय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उप-महालेखाकार भार्गव राम ख्याती को इस विशेष समिति में शामिल किया गया है.
Also Read: 223 संस्थानों का अनुदान कटा, अब आर-पार के मूड में शिक्षक
अगली बैठक की तैयारी
कल फिर मंथन: समिति की दूसरी अहम बैठक कल दोपहर बाद होगी, जिसमें जिलावार जांच का ब्लू-प्रिंट बनाया जाएगा.
जिलों की रिपोर्ट का मिलान
प्रधान महालेखाकार से मिले इनपुट के आधार पर अब जिलों की रिपोर्ट का मिलान किया जा रहा है. समिति का मुख्य फोकस इस बात पर है कि आवंटन से अधिक राशि की निकासी किन स्तरों पर हुई और इसमें किन अधिकारियों की संलिप्तता है.
