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सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड: विकास तिवारी एवं अन्य की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

रांची: हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में हुए बहुचर्चित सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गैंगस्टर विकास तिवारी, संतोष पांडेय, दिलीप साव...

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रांची: हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में हुए बहुचर्चित सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गैंगस्टर विकास तिवारी, संतोष पांडेय, दिलीप साव और राहुल पांडेय को बरी किए जाने के फैसले के बाद अब यह मामला देश की शीर्ष अदालत की चौखट पर पहुँचने वाला है. अभियोजन पक्ष यानी सुशील श्रीवास्तव के परिजन ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है.

हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में किया बरी

झारखंड हाईकोर्ट ने 18 फरवरी को सबूतों के अभाव और गवाहों के बयानों में विरोधाभास का हवाला देते हुए विकास तिवारी समेत अन्य को मिली उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया था. इससे पहले निचली अदालत ने इन सभी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

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दिन-दहाड़े कोर्ट परिसर में हुई थी हत्या

दरअसल 2 जून 2015 को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में दिन-दहाड़े फिल्मी अंदाज में एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग कर गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव और उसके दो सहयोगियों की हत्या कर दी गई थी. यह वारदात श्रीवास्तव गिरोह और पांडेय गिरोह के बीच वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम थी. दोनों गैंग के बीच गोली बारी से शुरू हुई यह लड़ाई अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुकी है.

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