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गिरिडीह:19 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, SP से निष्पक्ष जांच की मांग

Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक दर्दनाक और कई सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 19 वर्षीय...

Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक दर्दनाक और कई सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 19 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.

लापता होने के बाद मिला शव

मृतक के पिता बंधु पासवान ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है. दिए गए आवेदन में उन्होंने बताया कि उनका पुत्र 17 फरवरी 2026 को अपने मामा के लड़के चंदन समेत अन्य लोगों के साथ नवाडीह गया था. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन 19 फरवरी की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच अचानक युवक का मोबाइल फोन बंद हो गया. इसके बाद से ही उसका कोई पता नहीं चल सका और वह लापता हो गया.

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21 फरवरी को बरामद हुआ शव

परिजनों ने युवक की काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इसी बीच 21 फरवरी 2026 को करीब 11 बजे नवाडीह क्षेत्र में युवक का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किया गया. शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया.

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नामजद लोगों पर संदेह

परिवार का आरोप है कि इस पूरे मामले में कुछ नामजद लोगों की संलिप्तता हो सकती है. उन्होंने पहले भी स्थानीय थाना में आवेदन देकर अपनी आशंका जाहिर की थी. परिजनों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती नजर आ रही है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

मृतक के परिजनों का यह भी कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा, लेकिन फिलहाल जांच की दिशा और गति दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उनका आरोप है कि पुलिस इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है.

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

अब पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं.

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह दर्शाती है कि संवेदनशील मामलों में समय पर कार्रवाई कितनी जरूरी है.

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