News Wave Desk: गर्मी के मौसम में बच्चों को लू लगना आम है, क्योंकि उनका शरीर जल्दी गरम हो जाता है और वे पसीना कम निकालते हैं. बच्चों को लू से बचाने के लिए उसके शुरुआती लक्षण पहचानना और सही समय पर इलाज करना बहुत जरूरी है.

लू लगने के शुरुआती लक्षण
मसल्स में दर्द और ऐंठन

सबसे पहले बच्चे के पैरों या पेट में ऐंठन आ सकती है, चेहरा लाल हो सकता है और बहुत पसीना आ सकता है. बच्चा बार-बार पानी मांगेगा. ऐसे में उसे छाया में बैठाएं और पानी पिलाएं.
हीट एग्जॉशन के संकेत

यह सबसे सामान्य स्थिति है जिसमें बच्चे को बहुत प्यास लगती है, थकावट महसूस होती है, सिर दर्द या चक्कर आ सकते हैं. बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है या बार-बार रो सकता है. उल्टी जैसा महसूस होना, शरीर चिपचिपा लगना, पेशाब कम आना या दूध न पीना .छोटे बच्चों में) इसके लक्षण दिखते हैं.
लू लगने पर क्या करें

- बच्चे को तुरंत घर या छाया में लाएं
- कपड़े ढीले करें और गीले कपड़े से शरीर पोछें
- थोड़ा-थोड़ा पानी या ORS दें
- आधे घंटे में आराम न मिले तो डॉक्टर से संपर्क करें
हीटस्ट्रोक के गंभीर लक्षण

अगर बच्चे को तेज बुखार (105°F से ऊपर), सूखी और गरम त्वचा, तेज सांस, उलझन या बेहोशी हो, तो यह आपातकाल है. तुरंत अस्पताल जाएं.
बचाव के आसान उपाय

- हर 20-30 मिनट में पानी पिलाएं
- दोपहर के समय बाहर न भेजें
- हल्के कपड़े पहनाएं और टोपी लगवाएं
- गाड़ी में अकेला न छोड़ें
गर्मी में बच्चों को लू से बचाने के लिए सतर्क रहना जरूरी है. लक्षण दिखें तो समय पर इलाज करवाएं, ताकि कोई बड़ी परेशानी न हो.
Also Read: रांची की उमस और बारिश में चमकेगी कलाई: कंगन स्टाइलिंग गाइड
