Hazaribagh : हजारीबाग की सड़कों पर रफ्तार का शौक पालने और ट्रैफिक नियमों को ठेंगा दिखाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है. लगातार लग रहे लंबे जाम और आए दिन होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए विभाग ने इस बार बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है. अब सिर्फ जुर्माना वसूल कर चालकों को छोड़ा नहीं जा रहा, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस सीधे निलंबित किए जा रहे हैं. जिला परिवहन कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के शुरुआती 4 महीनों के भीतर ही हजारीबाग में रिकॉर्ड 1060 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह सस्पेंड कर दिए गए हैं.

हर महीने सख्त होता गया कानून, रफ्तार और लापरवाही पर ऐसे चला प्रशासन का हंटर
अगर महीने-दर-महीने की कार्रवाई पर नजर डालें, तो प्रशासन का शिकंजा हर दिन और मजबूत होता गया है. साल की शुरुआत यानी जनवरी के महीने में परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए 235 लापरवाह चालकों के लाइसेंस ठंडे बस्ते में डाल दिए थे. इसके बाद फरवरी में भी यह अभियान सुस्त नहीं पड़ा और कुल 234 लोगों की चालक अनुज्ञप्ति को निलंबित कर दिया गया. मार्च का महीना आते-आते सड़कों पर चेकिंग और ज्यादा कड़क कर दी गई, जिसके परिणामस्वरूप रिकॉर्ड 292 लोगों के लाइसेंस जब्त कर लिए गए. वहीं, बीते अप्रैल के महीने में तो विभाग ने कार्रवाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए, जहाँ बिना हेलमेट के दोपहिया दौड़ाने वाले और बिना सीट बेल्ट के चार पहिया चलाने वाले 299 लोगों के लाइसेंस एक झटके में सस्पेंड कर दिए गए.
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