Ranchi: मोराबादी वेंडिंग जोन-2 में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रांची नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच के दौरान 33 आवंटित दुकानों में नियमों का उल्लंघन सामने आया. इन दुकानों को असली आवंटियों ने खुद चलाने के बजाय दूसरे लोगों को किराये पर दे रखा था, जबकि वे स्वयं दूसरी जगह कारोबार कर रहे थे. नगर निगम की जांच में यह भी पता चला कि 10 दुकानदारों ने बिना अनुमति शटर, शेड और स्थायी ढांचा बना लिया, जो वेंडिंग जोन के नियमों के खिलाफ है. इसके अलावा दो मामलों में एक ही परिवार के दो सदस्यों को अलग-अलग दुकान आवंटित होने की बात भी सामने आई.
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कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए नगर निगम ने संबंधित वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. सभी को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया जा रहा है. साथ ही दुकानों का आवंटन रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. जिन प्रमुख दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उनमें संतोष मुंडा (F-116), फुलमनी मुंडा (F-39), मिथिलेश कुमार (F-106), रवि रंजन कुमार (F-69), छोटू वर्मा (F-78), सुमित चटर्जी (F-99) और रंजीत कुमार सिंह (F-91) शामिल हैं.

वेंडिंग जोन का उद्देश्य वास्तविक स्ट्रीट वेंडर्स को रोजगार उपलब्ध कराना
नगर निगम ने स्पष्ट कहा है कि वेंडिंग जोन का उद्देश्य वास्तविक स्ट्रीट वेंडर्स को रोजगार उपलब्ध कराना है. दुकान को किराये पर देना, किसी और को सौंपना या सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नगर निगम ने यह भी कहा कि भविष्य में भी वेंडिंग जोन का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा. यदि किसी भी दुकान में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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