News Wave Desk : देशभर में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मौसम का मिजाज बदल गया है. एक ओर जहां बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा, कीचड़, जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश और तूफानी मौसम की चेतावनी जारी करते हुए पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी है.
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. इससे कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा, लेकिन पर्यटन और परिवहन सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है.केरल, कर्नाटक, गोवा, सिक्किम, मेघालय और पूर्वोत्तर भारत के कई पर्यटन स्थलों पर लगातार बारिश दर्ज की जा रही है. इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कों के बंद होने और यात्रा में देरी जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं.
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए. कई हिल स्टेशनों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर अचानक मौसम बदलने के कारण पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है. हालांकि मानसून अपने साथ प्राकृतिक सुंदरता भी लेकर आता है. बारिश के दौरान झरने, घाटियां, जंगल और पहाड़ हरियाली से भर उठते हैं, जिससे कई पर्यटन स्थलों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. केरल, कूर्ग, मुन्नार, वायनाड, मेघालय और पश्चिमी घाट क्षेत्र मानसून पर्यटन के लिए प्रसिद्ध माने जाते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सुंदरता के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है.

मानसून में यात्रा पर असर
हवाई सेवाओं पर भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है. खराब दृश्यता, तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण उड़ानों में देरी या बदलाव संभव है. रेलवे और सड़क परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में यात्रियों को यात्रा से पहले एयरलाइंस, रेलवे और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लेनी चाहिए. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मानसून में यात्रा के दौरान रेनकोट, छाता, वाटरप्रूफ बैग, आवश्यक दवाइयां और अतिरिक्त कपड़े साथ रखें. पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग या एडवेंचर गतिविधियों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. मौसम खराब होने पर जोखिम भरे क्षेत्रों में जाने से बचना ही बेहतर विकल्प माना जाता है. कुल मिलाकर मानसून जहां किसानों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खुशियां लेकर आया है, वहीं यात्रियों के लिए सतर्कता और बेहतर योजना की आवश्यकता भी बढ़ा दी है. मौसम विभाग का कहना है कि यात्रा से पहले मौसम संबंधी अपडेट लेते रहने से किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकता है और यात्रा को सुरक्षित एवं सुखद बनाया जा सकता है.



