Hazaribagh : कटकमदाग थाना क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची और उसके तीन वर्षीय भाई की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना ने पूरे हजारीबाग शहर को झकझोर कर रख दिया था. कई दिनों तक चले सर्च अभियान, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने आरोपी संजित पासवान को गिरफ्तार कर लिया.

30 मई को दर्ज हुई थी अपहरण की प्राथमिकी
बच्चों के पिता मो. आमिर ने 30 मई को कटकमदाग थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 11 वर्षीय बेटी और तीन वर्षीय बेटा ओला शोरूम के समीप लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास से अचानक गायब हो गए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए कटकमदाग थाना कांड संख्या 90/26 के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया गया. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और बच्चों की तलाश के लिए शहर के सभी संभावित मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई.
एसआईटी का गठन, हर सुराग पर हुई जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया.
श्मशान घाट से मिला बच्ची का शव, कुएं से बरामद हुआ भाई का शव
जांच के दौरान 31 मई को कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर गांव स्थित श्मशान घाट से अपहृत बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली. पुलिस ने तत्काल एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाकर जांच शुरू कराई. इसके बाद इलाके में व्यापक सर्च अभियान चलाया गया. तलाशी के दौरान बच्ची के तीन वर्षीय भाई का शव श्मशान घाट से लगभग 500 मीटर दूर एक कुएं से बरामद किया गया. दोनों शवों की पहचान परिजनों ने की, जिसके बाद मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया.
सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग
अनुसंधान के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति बच्चों को स्कूटी पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया. फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान ओला शोरूम में काम करने वाले संजित पासवान के रूप में हुई। इसके बाद एसआईटी ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू कर दी. आखिरकार बुधवार को पुलिस ने उसे जिले से भागने की कोशिश के दौरान शहर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में कबूला जुर्म, सुनाई रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी संजित पासवान ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. उसने बताया कि वह पिछले दो महीनों से बच्ची को ओला शोरूम के आसपास आते-जाते देखता था. बातचीत के दौरान दोनों की पहचान हुई और उसने बच्ची को कई बार खाने-पीने के लिए पैसे भी दिए थे. आरोपी के अनुसार, 27 मई को वह दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी पर बैठाकर घुमाने और नया मोबाइल दिलाने का झांसा देकर सिंदूर स्थित श्मशान घाट ले गया. वहां सुनसान स्थान का फायदा उठाकर उसने बच्ची के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. विरोध और शोर मचाने पर उसने बच्ची की हत्या कर दी. इसके बाद घटना का राज खुलने के डर से उसने बच्ची के तीन वर्षीय भाई की भी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को बोरे में भरकर पास के कुएं में फेंक दिया.
आरोपी की निशानदेही पर बरामद हुए अहम सबूत
गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कूटी (जेएच-02बीएच-8804) और प्लास्टिक का बोरा बरामद किया है. पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का शत-प्रतिशत उद्भेदन कर लिया गया है.
शहर में आक्रोश, मासूमों को न्याय दिलाने की मांग
दो मासूम बच्चों की इस दर्दनाक हत्या ने पूरे हजारीबाग को स्तब्ध कर दिया है. घटना सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग उठ रही है. वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एसआईटी की जांच के जरिए कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा होने पर लोगों ने राहत भी जताई है. अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी तथा कटकमदाग, कोर्रा, सदर, पेलावल, गिद्दी व अन्य थानों के पुलिस पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया.
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