Gumla : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बुधवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. प्रेस वार्ता को प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अख्तर अली ने संबोधित करते हुए कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त है. बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था का गिरता स्तर चिंताजनक है. अख्तर अली ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार 2014 में सत्ता में आयी. तब से अब तक देश में करीब 89 पेपर लीक के मामले सामने आए. जिसके कारण 48 परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं. वहीं, नीट परीक्षा से जुड़े दबाव के कारण 93 छात्रों के आत्महत्या किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 में अब तक पेपर लीक के 14 मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं. अख्तर अली ने कहा कि देश के करोड़ों युवा और उनके अभिभावक वर्तमान परीक्षा व्यवस्था से निराश और आक्रोशित हैं.
युवाओं के भविष्य के साथ घोटाला
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट, नेट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा बड़ा घोटाला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को देश के सामने उठा रहे हैं और परीक्षा कराने वाली संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप और जवाबदेही की कमी को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं. अख्तर अली ने आरोप लगाया कि वर्षों की मेहनत, अभिभावकों की गाढ़ी कमाई और छात्रों के सपनों को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है.

परीक्षा घोटाले में संसद सत्र में हो चर्चा
उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से देश की साख भी प्रभावित हुई है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि आगामी संसद सत्र में परीक्षा घोटालों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए. पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाए. प्रभावित छात्रों को मानसिक एवं आर्थिक राहत दी जाए और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त एवं पारदर्शी राष्ट्रीय कानून लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि पार्टी और राहुल गांधी देश के युवाओं के साथ सड़क से लेकर संसद तक खड़े हैं और छात्रों को न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी.
ये रहे मौजूद
जिला अध्यक्ष राजनील तिग्गा, मीडिया पैनलिस्ट मृत्युंजय कुमार, अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष महमूद अली, जिला उपाध्यक्ष रोहित उरांव, रूपेश सन्नी, इकरामुल हक समेत अन्य उपस्थित रहे.


