Dhanbad: हरियाणा के बहुचर्चित 661 करोड़ रुपये के IDFC First Bank और AU Small Finance Bank स्कैम मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है. CBI द्वारा प्रेस रिलीज जारी कर इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की गई है. इस बड़ी कार्रवाई के बाद हरियाणा से लेकर झारखंड के धनबाद तक हड़कंप मच गया है. CBI ने मंगलवार सुबह आरोपी आईएएस पंकज अग्रवाल को पंचकूला की विशेष अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने मामले की गहन पूछताछ के लिए उन्हें दो दिनों की CBI रिमांड पर भेज दिया है. पंकज अग्रवाल वर्तमान में हरियाणा के आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट (स्थापत्य विभाग) में प्रधान सचिव के पद पर तैनात हैं. हालांकि, CBI ने अभी तक उनकी गिरफ्तारी के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया है.
महुदा के मारवाड़ी कॉलोनी में रहता है परिवार, बड़े भाई ने दी प्रतिक्रिया
आईएएस पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही धनबाद के महुदा बाजार स्थित मारवाड़ी कॉलोनी में रहने वाले उनके परिवार की प्रतिक्रिया सामने आई है. पंकज अग्रवाल के बड़े भाई नंदकिशोर अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस गिरफ्तारी की जानकारी समाचार माध्यमों से मिली है.

नंदकिशोर अग्रवाल ने अपने भाई का बचाव करते हुए सीधे तौर पर आरोप लगाया कि उनके छोटे भाई को किसी गहरी दुश्मनी या साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. पंकज ने कभी गलत काम नहीं किया. परिवार को पूरा भरोसा है और उन्हें न्याय व्यवस्था तथा अपने भाई पर पूरा विश्वास है. पंकज ऐसा कोई भी गलत काम कभी नहीं कर सकते. वे हमेशा से ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाते रहे हैं और आज तक उनका नाम किसी विवाद में नहीं आया है.
नंदकिशोर अग्रवाल ने पारिवारिक पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए बताया कि वे कुल पांच भाई हैं, जिनमें पंकज अग्रवाल सबसे छोटे हैं. नंदकिशोर अग्रवाल अपने एक और भाई के साथ धनबाद में ही रहकर पेट्रोल पंप का व्यवसाय संभालते हैं, जबकि उनके दो अन्य भाई सूरत और जयपुर में रहकर बिजनेस करते हैं.
उन्होंने यह भी साझा किया कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण पिछले कुछ वर्षों से पंकज अग्रवाल से उनकी बातचीत काफी कम हो गई थी. व्यस्त शेड्यूल के चलते पिछले दो-चार सालों में पंकज का धनबाद आना भी काफी कम (कभी-कभार) ही हो पाता था, लेकिन पूरा परिवार एकजुटता के साथ खड़ा है और उन्हें यकीन है कि जांच में पंकज अग्रवाल बेकसूर साबित होंगे.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला IDFC First Bank और AU Small Finance Bank से जुड़े कथित 661 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का है. CBI इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी की कड़ियों को जोड़ रही है. आरोप है कि इस घोटाले में बैंक अधिकारियों और कुछ रसूखदार लोगों की मिलीभगत थी. अब CBI रिमांड के दौरान आईएएस पंकज अग्रवाल से इस घोटाले में उनकी कथित भूमिका और कड़ियों को लेकर कड़ाई से पूछताछ करेगी, ताकि इस रैकेट के अन्य चेहरों को भी सामने लाया जा सके.
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