Ranchi: झारखण्ड के पांच जिलों में संगठित अपराध के खिलाफ एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने कार्रवाई शुरू की है. यह कार्रवाई सीधे तौर पर गैंगस्टर नेटवर्क, उनके गुर्गों और आर्थिक सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने को लेकर शुरू हुई हैं. रामगढ़, चतरा, हजारीबाग और लातेहार के साथ-साथ राजधानी रांची में भी एटीएस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. करीब एक दर्जन से ज्यादा एसटीएस की टीमें पिछले 20 दिनों से इन जिलों में सक्रिय हैं और घर-घर जाकर संदिग्धों की जानकारी जुटा रही हैं.
150 से ज्यादा प्रोफाइल तैयार, गैंगस्टर नेटवर्क पर सीधा फोकस
अब तक लगभग 150 लोगों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार की जा चुकी है, जो कुख्यात अपराधी गिरोहों से जुड़े बताए जा रहे हैं. जांच के दायरे में प्रमुख गैंग नेटवर्क शामिल हैं जिनमें राहुल सिंह गिरोह, राहुल दुबे नेटवर्क, प्रिंस खान गैंग, सुजीत सिन्हा गैंग और अमन साव का नेटवर्क और पांडेय गिरोह शामिल है. इनमें गुर्गों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले लोग और कई मामलों में पारिवारिक सदस्य भी जांच के घेरे में हैं. एटीएस की टीमें सीधे वर्तमान और पूर्व अपराधियों के घर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कर रही हैं, ताकि गैंगस्टर नेटवर्क की आर्थिक जड़ों तक पहुंचा जा सके.
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दो दर्जन से ज्यादा संदिग्ध गायब, जांच तेज
जांच के दौरान करीब दो दर्जन लोग अभी तक एटीएस के संपर्क में नहीं आए हैं, जिसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं. उनकी लोकेशन और गतिविधियों को लेकर अलग से ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है.



