Ranchi : झारखंड में मानसून की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी है और आम जनजीवन को झुलसने पर मजबूर कर दिया है. जून का महीना बीतने को है, लेकिन बादलों की दगाबाजी के कारण पूरा राज्य पानी-पानी होने के बजाय बूंद-बूंद को तरस रहा है. मौसम विभाग की ओर से जारी 1 से 29 जून तक के आंकड़े बेहद डरावने हैं. पूरे राज्य में सामान्य से 61 फीसदी कम बारिश हुई है. जिसने सूखे की आहट देकर सरकार से लेकर आम जनता तक की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
राज्य का औसत : आधे से भी कम बरसा पानी
पूरे झारखंड की बात करें तो इस अवधि में सामान्य तौर पर 181.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक रूप से सिर्फ 71.1 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है. यह सामान्य से 61 फीसदी कम है.

इन 15 जिलों में मचा है त्राहिमाम
- गढ़वा और साहिबगंज यहां स्थिति सबसे बदतर है. जहां 99 फीसदी की भारी कमी दर्ज की गई है. गढ़वा में 125.4 मिमी के मुकाबले सिर्फ 1.7 मिमी और साहिबगंज में 216 मिमी के मुकाबले महज 3.2 मिमी बारिश हुई है.
- पलामू (-89%), चतरा (-86%) और कोडरमा (-83%): इन जिलों में भी बारिश नहीं के बराबर हुई है.
- सरायकेला-खरसावां (-80%) और गोड्डा (-77%) : यहां भी पानी की भारी किल्लत है.
- हजारीबाग (-73%), लोहरदगा (-73%), बोकारो (-72%) और खूंटी (-72%) : इन सभी जिलों में सामान्य से 70% से अधिक कम बारिश हुई है.
- पाकुड़ (-68%), पूर्वी सिंहभूम (-66%), लातेहार (-66%) और गिरिडीह (-64%) : यहां भी सूखे जैसे हालात बनते जा रहे हैं.
‘कमी’ की मार : इन 9 जिलों में भी मायूसी
- रामगढ़ (-59%), धनबाद (-58%) और पश्चिमी सिंहभूम (-58%) : यहां बारिश का कोटा आधा भी पूरा नहीं हो पाया है.
- गुमला (-48%) और जामताड़ा (-40%) : यहां भी किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं.
- सिमडेगा (-32%), रांची (-29%), दुमका (-24%) : राजधानी रांची सहित इन जिलों में थोड़ी बहुत राहत जरूर दिखी है, लेकिन यह भी सामान्य से काफी पीछे हैं.
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