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NewsWave Special: दूसरे राज्यों में गृह सचिव से लेकर स्पेशल चीफ सेक्रेटरी तक IPS का दबदबा, झारखंड में पावर सेंटर से बाहर

Ranchi: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के लिए स्पेशल चीफ सेक्रेट्री से लेकर गृह सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय (CM Secretariat) की...

दूसरे राज्यों में गृह सचिव से लेकर स्पेशल चीफ सेक्रेटरी तक IPS का दबदबा
दूसरे राज्यों में गृह सचिव से लेकर स्पेशल चीफ सेक्रेटरी तक IPS का दबदबा

Ranchi: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के लिए स्पेशल चीफ सेक्रेट्री से लेकर गृह सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय (CM Secretariat) की कुर्सी किसी सपने से कम नहीं है. देश के विभिन्न राज्यों में IPS अधिकारी इन पदों पर न केवल आसीन हैं, बल्कि नीति निर्माण की मुख्यधारा में अपनी भूमिका भी निभा रहे हैं. लेकिन जब बात झारखंड की आती है, तो यह पुलिसिया पावर केवल जिलों की सीमाओं और फील्ड पोस्टिंग तक सिमटकर रह जाती है. झारखंड में IPS कैडर के लिए राज्य प्रतिनियुक्ति में सचिव रैंक की कुर्सी एक मृगतृष्णा बन गई है.

नीति निर्धारण में अहम भूमिका

अन्य राज्यों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नजर डालें तो तस्वीर बिल्कुल उलट है. वहां पुलिस सेवा के अधिकारियों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. तेलंगाना से लेकर पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से लेकर छत्तीसगढ़ तक IPS अधिकारी शासन के “कैबिनेट” का हिस्सा हैं. तेलंगाना में रवि गुप्ता को स्पेशल चीफ सेक्रेट्री की जिम्मेदारी मिली. वहीं शहनवाज कासिम मुख्यमंत्री के सचिव पद पर तैनात हुए. इसी तरह डी.एस. चौहान जैसे अधिकारी वहां प्रधान सचिव (खाद्य आपूर्ति) जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं. पश्चिम बंगाल में राजेश कुमार को पर्यावरण जैसे संवेदनशील विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया, जबकि राजीव कुमार एडिशनल चीफ सेक्रेट्री के रूप में तैनात किए गए.

गृह विभाग की कमान भी IPS के हाथ

उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी गृह विभाग और मुख्यमंत्री सचिवालय जैसे अति महत्वपूर्ण पदों पर IPS अधिकारियों का दबदबा रहा है. छत्तीसगढ़ में संतोष भगत मुख्यमंत्री के सचिव रहे, जबकि राहुल भगत सीएम सचिवालय में सचिव पद पर रहे. आनंद छाबड़ा को छत्तीसगढ़ में गृह सचिव की जिम्मेदारी मिली. उत्तर प्रदेश में संजीव गुप्ता और नचिकेता झा गृह सचिव के रूप में कानून-व्यवस्था और नीतिगत निर्णयों के केंद्र में रहे. मध्य प्रदेश में संजय तिवारी को गृह सचिव बनाया गया. उत्तराखंड में अभिनव कुमार मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव तथा अमित सिन्हा प्रधान सचिव (खेल) के रूप में तैनात रहे. आंध्र प्रदेश में कुमार विश्वजीत और हरीश कुमार गुप्ता प्रधान सचिव (गृह) रहे. गुजरात में नुपमा मिलंद को गृह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि सिक्किम में मृणालिनी श्रीवास्तव सचिव (सूचना प्रौद्योगिकी) और अश्विनी चंद रेजिडेंट कमिश्नर जैसे पदों पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में भी विक्रमाजीत सिंह सचिव (उद्योग) जैसे पदों पर रहे.

झारखंड के सामने बड़ा सवाल

जब देश के इतने राज्यों में IPS अधिकारी गृह सचिव, प्रधान सचिव और मुख्यमंत्री के सचिव बनकर प्रशासनिक जटिलताओं को संभाल रहे हैं, तो झारखंड में ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं है? झारखंड में IPS कैडर के प्रति राज्य सरकार का नजरिया हमेशा से फील्ड ड्यूटी तक ही सीमित रहा है. पुलिस मुख्यालय से बाहर निकलकर शासन की मुख्यधारा में जगह बनाने की बात आते ही फाइलें ठंडे बस्ते में चली जाती हैं. प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सचिव रैंक पर IPS अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने से सरकार उस दृष्टिकोण का लाभ नहीं उठा पा रही है, जो एक पुलिस अधिकारी के पास होता है. पुलिस सेवा के अधिकारी जमीनी हकीकत, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा संबंधी तकनीकी पहलुओं को बेहतर समझते हैं. गृह सचिव या अन्य सचिव पदों पर उनकी नियुक्ति प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत कर सकती है.

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नीति का अभाव या इच्छाशक्ति की कमी

झारखंड में IPS अधिकारियों की अनदेखी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. इसे अक्सर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के बीच “पावर गेम” के रूप में देखा जाता है. सचिव रैंक के पद मिलने से पुलिस अधिकारियों का कद बढ़ता है, जो शायद कुछ वर्गों को रास नहीं आता. परिणामस्वरूप एक IPS अधिकारी 25-30 वर्षों की सेवा के बाद भी नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं से दूर रह जाता है.

दूसरे राज्यों के इन IPS अधिकारियों को मिल चुकी हैं अहम जिम्मेदारियां 

• संतोष भगत (IPS) – छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री के सचिव
• शहनवाज कासिम (IPS) – तेलंगाना – मुख्यमंत्री के सचिव
• राजेश कुमार (IPS) – पश्चिम बंगाल – प्रधान सचिव, पर्यावरण
• रवि गुप्ता (IPS) – तेलंगाना – स्पेशल चीफ सेक्रेट्री
• कुमार विश्वजीत (IPS) – आंध्र प्रदेश – प्रधान सचिव, गृह
• राजीव कुमार (IPS) – पश्चिम बंगाल – एडिशनल चीफ सेक्रेट्री
• मृणालिनी श्रीवास्तव (IPS) – सिक्किम – सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी
• अश्विनी चंद (IPS) – सिक्किम – रेजिडेंट कमिश्नर, नई दिल्ली
• संजीव गुप्ता (IPS) – उत्तर प्रदेश – गृह सचिव
• नचिकेता झा (IPS) – उत्तर प्रदेश – गृह सचिव
• आनंद छाबड़ा (IPS) – छत्तीसगढ़ – गृह सचिव
• संजय तिवारी (IPS) – मध्य प्रदेश – गृह सचिव
• हरीश कुमार गुप्ता (IPS) – आंध्र प्रदेश – प्रधान सचिव, गृह
• अभिनव कुमार (IPS) – उत्तराखंड – मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव
• अमित सिन्हा (IPS) – उत्तराखंड – प्रधान सचिव, खेल
• विक्रमाजीत सिंह (IPS) – जम्मू-कश्मीर – सचिव, उद्योग
• डी.एस. चौहान (IPS) – तेलंगाना – प्रधान सचिव, खाद्य आपूर्ति
• नुपमा मिलंद (IPS) – गुजरात – गृह सचिव
• अभिषेक त्रिवेदी (IPS) – सचिव, सामाजिक न्याय
• राहुल भगत (IPS) – छत्तीसगढ़ – सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय

•तेलंगाना में IAS के गढ़ में IPS की एंट्री, IPS शिखा गोयल प्रधान गृह सचिव नियुक्त

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