News Wave Desk : बारिश का मौसम राहत के साथ-साथ कई तरह की मौसमी बीमारियां भी लेकर आता है. इनमें वायरल बुखार सबसे आम संक्रमणों में से एक है. मौसम में अचानक बदलाव, बढ़ी हुई नमी और संक्रमण फैलाने वाले वायरस की सक्रियता के कारण इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वायरल बुखार से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. नियमित रूप से हाथ धोना, केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीना, पौष्टिक भोजन करना और पर्याप्त नींद लेना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनना और शरीर को गर्म रखना भी संक्रमण के खतरे को कम करता है.

बारिश में वायरल बुखार से बचना है तो इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, गले में खराश, खांसी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न करें. यदि बुखार दो से तीन दिन तक बना रहे या सांस लेने में तकलीफ, लगातार उल्टी या अन्य गंभीर लक्षण नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से बचना चाहिए. बारिश के मौसम में थोड़ी-सी सावधानी और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर वायरल बुखार सहित कई मौसमी संक्रमणों से बचाव किया जा सकता है. समय पर सतर्कता और उचित देखभाल ही स्वस्थ रहने की सबसे प्रभावी कुंजी है.


