सावन की पहली सोमवारी आज, भोलेनाथ की पूजा में रखें इन खास बातों का ध्यान

News Wave Desk: भगवान भोलेनाथ को समर्पित सावन महिना का आज पहला सोमवार है. यह महिना भगवान शिव की पूजा के लिए...

Sawan First Monday
सावन का पहला सोमवार आज / एआई इमेज

News Wave Desk:  भगवान भोलेनाथ को समर्पित सावन महिना का आज पहला सोमवार है. यह महिना भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. ऐसे में आज सावन का पहला सोमवार सिव भक्तों के लिए खास महत्व रखता है. मान्यता है कि, इस दिन श्रद्धा भाव से शिवलिंग का जलाभिषेक करने और विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और अधूरे काम भी बन जाते हैं. ऐसे में आज पूजा करने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं कि पहली सोमवारी पर भगवान शिव को क्या चढ़ाना चाहिए.

सावन सोमवार पर शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए?

जल और गंगाजल: पूजा की शुरुआत शिवलिंग के जलाभिषेक से करना चाहिए. अगर गंगाजल है, तो उसे जल में मिलाकर अर्पित करना शुभ माना जाता है.

दूध: भगवान शिव को दूध चढ़ाना अच्छा माना गया है. मान्यता है कि इससे घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

बेलपत्र: शिवजी के सबसे प्रिय चीजों में बेलपत्र है. पूजा में तीन पत्तियों वाला, साफ और बिना टूटा हुआ बेलपत्र ही अर्पित करना चाहिए.

धतूरा और भांग: भगवान शिव की पूजा के लिए धतूरा और भांग का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसे में भोलेबाबा पर इन्हें अर्पित करना शुभ माना गया है.

सफेद चंदन: मान्यता है कि, शिवलिंग पर सफेद चंदन लगाने से पूजा पूर्ण हो जाती है और यह शीतलता और पवित्रता का प्रतीक है.

सफेद फूल: भगवान शिव पर चमेली, कनेर या अन्य सफेद पुष्प अर्पित किए जा सकते हैं.

फल और मिठाई: पूजा के अंत में मौसमी फल और मिठाई का भोग भगवान शिव को लगाएं और बाद में प्रसाद के रूप में वितरित करें.

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ वस्तुएं भगवान शिव को अर्पित नहीं करनी चाहिए. जैसे कि-

  • शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए.
  • भगवान शिव को केतकी (केवड़ा) का फूल अर्पित नहीं किया जाता है.
  • टूटे, फटे या सूखे बेलपत्र नहीं चढ़ाने से बचना चाहिए.
  • बासी फूल या खराब फल भगवान को अर्पित नहीं करें.
  • भगवान शिव की पूजा में हल्दी का प्रयोग नहीं किया जाता.

सावन सोमवार पूजा की सरल विधि

  • सुबह ब्रह्ममुहूर्त या जल्दी उठकर स्नान करें.
  • साफ और पवित्र वस्त्र धारण करें.
  • पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें.
  • सबसे पहले शिवलिंग का जल और गंगाजल से अभिषेक करें.
  • इसके बाद दूध, बेलपत्र, चंदन, धतूरा, भांग और पुष्प भगवान शिव पर अर्पित करें.
  • पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें.
  • अंत में शिव आरती करें और भगवान शिव से सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना करें.

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