Ranchi: केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) में सतर्कता मामलों को लेकर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला सोमवार से शुरू हुई. 24 और 25 अगस्त को आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के सहयोग से किया जा रहा है. कार्यशाला की मेजबानी केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड कर रहा है. कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति-इंचार्ज प्रो. मनोज कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) प्रो. डी.बी. लाटा और कुलसचिव के.के. राव ने अतिथियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी समेत विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागी शामिल हुए. कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता, पारदर्शिता, जवाबदेही, सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया और वित्तीय नियमों की व्यावहारिक जानकारी देना है. इस दौरान वर्ष 2026 की सतर्कता जागरूकता थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” (Probity for Prosperity) पर भी विशेष जोर दिया गया.

सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया की दी गई जानकारी
कार्यशाला के पहले तकनीकी सत्र में CVC के CTE श्री कपिल देव नारायण ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थानों में वस्तुओं, सेवाओं और कार्यों की खरीद निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत की जानी चाहिए. दूसरे सत्र में खरीद प्रक्रिया, वित्तीय नियमों और संबंधित प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. इसमें खरीद की योजना बनाने, आवश्यकता का आकलन, टेंडर प्रक्रिया, प्रस्तावों और बोलियों के मूल्यांकन से लेकर खरीद आदेश और भुगतान तक की प्रक्रिया समझाई गई. प्रशिक्षण के दौरान सरकारी खरीद में पारदर्शिता, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने पर जोर दिया गया. प्रतिभागियों को बताया गया कि सभी योग्य विक्रेताओं को नियमानुसार समान अवसर मिलना चाहिए और किसी भी व्यक्ति या संस्था को अनुचित लाभ नहीं दिया जाना चाहिए.
GFR और वित्तीय नियमों पर भी चर्चा
कार्यशाला में General Financial Rules (GFR) के विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी दी गई. प्रतिभागियों को वित्तीय स्वीकृति, सरकारी भुगतान, व्यय प्रक्रिया, दस्तावेजों के रखरखाव और खरीद एवं अनुबंध से जुड़े Standard Operating Procedures (SOPs) के बारे में बताया गया. विशेषज्ञों ने कहा कि सरकारी धन का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार और संस्थान के हित में किया जाना चाहिए. नियमों का पालन करने से वित्तीय अनियमितताओं की संभावना कम होती है और कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ती है.
GeM के प्रभावी इस्तेमाल का प्रशिक्षण
दोपहर के भोजनावकाश के बाद तीसरे सत्र में GeM रिसोर्स पर्सन श्री सुबोध कांत ने Government e-Marketplace (GeM) से संबंधित जानकारी दी. उन्होंने GeM की प्रमुख सुविधाओं, सरकारी खरीद की प्रक्रिया और पोर्टल के प्रभावी इस्तेमाल के बारे में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया. इस दौरान GeM के विभिन्न फीचर्स का व्यावहारिक और लाइव प्रदर्शन भी किया गया. प्रतिभागियों को बताया गया कि डिजिटल माध्यम से खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में GeM महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
टेंडर, बिड मूल्यांकन और अनुबंध प्रबंधन पर जोर
कार्यशाला में टेंडर दस्तावेज तैयार करने और बिड के मूल्यांकन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने कहा कि टेंडर में आवश्यक शर्तों और तकनीकी आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए तथा प्राप्त बिड का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए. इसके अलावा Contract Management यानी अनुबंध प्रबंधन पर भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई. अनुबंध के बाद उसकी शर्तों के अनुरूप कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा और प्रदर्शन की नियमित निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
केस स्टडी के जरिए समझाए जा रहे नियम
कार्यशाला में नियमों की सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ केस स्टडी और व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य अधिकारियों को वास्तविक परिस्थितियों में नियमों को समझने और सही तरीके से लागू करने में सक्षम बनाना है. कार्यशाला के माध्यम से सरकारी खरीद और वित्तीय कार्यों में होने वाली सामान्य गलतियों को दूर करने, प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने तथा अधिकारियों और कर्मचारियों में सतर्कता, पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. कुल मिलाकर, दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में ईमानदार, पारदर्शी और जवाबदेह कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है. आयोजकों के अनुसार नियमों का सही पालन न केवल वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की रोकथाम में मदद करता है, बल्कि सरकारी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और संस्थागत कार्यक्षमता को भी मजबूत करता है.

