Giridih: जिले में कृषि योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने और उनका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. सोमवार को उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की. इस दौरान कृषि विभाग और आत्मा के माध्यम से संचालित योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कृषि प्रत्यक्षण और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की प्रगति की समीक्षा की गई.

योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कृषि योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. योजनाओं का वास्तविक फायदा किसानों को दिखाई देना चाहिए. उन्होंने समयबद्ध क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय बेहतर बनाने पर जोर दिया.
आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए किसानों को किया जाएगा प्रोत्साहित
बैठक में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिए आयोजित Inter-State Exposure Visit की भी समीक्षा हुई. अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न प्रखंडों के किसानों को ICAR-National Rice Research Institute (NRRI), कटक, ओडिशा समेत अन्य कृषि संस्थानों का भ्रमण कराया गया. इन भ्रमण कार्यक्रमों के दौरान किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीक और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी गई. उपायुक्त ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण और भ्रमण केवल औपचारिकता न बनें. किसानों को सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए.
कृषि मेला और प्रत्यक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा
बैठक में जिला स्तरीय कृषि मेला, अनुमंडल कृषि प्रक्षेत्र और पंचबा में संचालित कृषि गतिविधियों की भी समीक्षा की गई. किसानों तक उन्नत तकनीक, जैविक खेती और कम लागत वाली कृषि पद्धतियों की जानकारी सरल तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया गया. Low Cost Publication के तहत तैयार तकनीकी लिफलेट और बुकलेट के वितरण की भी जानकारी ली गई. इनमें जीवामृत, बीजामृत, जैविक कृषि तकनीक, कीटनाशक प्रबंधन और नीम आधारित कीटनाशक से जुड़ी उपयोगी जानकारी शामिल है.
सात प्रखंडों में कृषक गोष्ठियों की भी हुई समीक्षा
जिले के सात प्रखंडों में आयोजित कृषक गोष्ठियों की प्रगति पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा वर्ष 2025-26 के कृषि प्रत्यक्षण कार्यक्रम के तहत हाइब्रिड मूंग और सब्जी प्रत्यक्षण की स्थिति की जानकारी ली गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्यक्षण कार्यक्रमों का नियमित निरीक्षण किया जाए. जिन तकनीकों से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं, उन्हें दूसरे किसानों तक भी पहुंचाया जाए.
खाली पद और आवंटन की समस्या पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक में आत्मा के लेखापाल का पद रिक्त होने से उत्पन्न प्रशासनिक समस्याओं पर भी चर्चा हुई. उपायुक्त ने आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. वहीं, आवंटन की कमी के कारण प्रभावित हो रही कृषि गतिविधियों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को समन्वय स्थापित करने को कहा गया.
किसानों को तकनीक का व्यावहारिक लाभ मिले : DC
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि कृषि योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब योजनाओं के साथ उपलब्ध तकनीकी जानकारी का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे. उन्होंने कृषि प्रशिक्षण, किसान गोष्ठी, प्रत्यक्षण, तकनीकी सामग्री के प्रचार-प्रसार और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मियों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है.
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