Ranchi: एजेसी देवाशीष महापात्रा की अदालत में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति सम्मेलन कमिटी (टीएसपीसी) के सब-जोनल कमांडर देवा जी उर्फ आदिल अंसारी उर्फ आदिल जफ्फर उर्फ बबलूजी और उसके सहयोगी सलमान अंसारी की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें बेल नहीं दी. मामला दिसंबर 2025 का है और मैकलुस्कीगंज थाना के केस से जुड़ा हुआ है.
क्या है मामला
मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के धमधमिया रिंकी ईंट भट्ठा रोड पर पुलिस को टीएसपीसी उग्रवादियों के आने की सूचना मिली थी. पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के सदस्यों की ईंट भट्ठा व्यवसायियों से लेवी वसूलने की सूचना पर एंबुश लगाया था.
18 दिसंबर 2025 की शाम करीब 4:30 बजे थाना प्रभारी धनंजय बैठा छापेमारी के लिए पहुंचे. रात करीब 7 बजे गंझुटोली रोड से एक बाइक आती हुई दिखाई दी. पुलिस को देखते ही बाइक पर सवार तीन लोग भागने का प्रयास करने लगे. पुलिस ने खदेड़कर एक आरोपी सलमान अंसारी को पकड़ लिया, जबकि दो उग्रवादी साहिल और सोनू अंसारी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे.
सलमान अंसारी के कमर से लोडेड कट्टा बरामद किया गया. उसने कबूल किया कि वे सभी टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर देवा जी उर्फ आदिल अंसारी के दस्ते के सक्रिय सदस्य हैं. देवा जी के निर्देश पर ही वे क्षेत्र के व्यवसायियों, ठेकेदारों, कोयला ढुलाई कराने वालों और ईंट भट्ठा मालिकों को डरा-धमकाकर लाखों रुपये की लेवी वसूल चुके हैं, जिसका एक हिस्सा उन्हें भी मिलता था.
बाद में उसकी निशानदेही पर पुलिस ने टीएसपीसी के सब-जोनल कमांडर देवा जी उर्फ आदिल अंसारी उर्फ आदिल जफ्फर उर्फ बबलूजी को गिरफ्तार किया था.
