Ranchi: 16 साल पुराने यानी वर्ष 2010 के करोड़ों रुपये के अलकतरा घोटाला मामले में मंगलवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 4 जुलाई 2026 की तारीख तय की है. मामले में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल पैरवी कर रही हैं.
इस मामले में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के निदेशक दिलीप कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, आरसीडी जमशेदपुर के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा और जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा पर मुकदमा चल रहा था. हालांकि, सुनवाई के दौरान प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह और असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा का निधन हो गया. फिलहाल मामले में दो आरोपी ही ट्रायल का सामना कर रहे हैं.

क्या है मामला
यह मामला चक्रधरपुर-खरसावां के 1.506 किमी सड़क निर्माण कार्य से जुड़ा है, जिसे रोड कंस्ट्रक्शन डिविजन (आरसीडी), जमशेदपुर के तहत कराया गया था. आरोप है कि 47 फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी की गई थी.
मामले का खुलासा आरसीडी, जमशेदपुर के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) विनोद कुमार ने किया था. उन्होंने गबन की जानकारी CBI को दी, जिसके बाद जांच में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के निदेशक दिलीप कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार वर्मा और जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा की संलिप्तता सामने आई.
CBI ने 16 फरवरी 2010 को कांड संख्या आरसी-3(ए)/2010-आर के तहत मामला दर्ज किया था. इसके बाद 22 अप्रैल 2011 को चार्जशीट दाखिल की गई और 5 दिसंबर 2018 को आरोप तय किए गए. गवाही और सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 4 जुलाई 2026 की तारीख निर्धारित की है.
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