Ranchi: धनबाद के सियासी गलियारे से एक ऐसा सनसनीखेज आरोप सामने आया है, जिसने नैतिकता और परवरिश की बहस को चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है. निरसा के विधायक अरूप चटर्जी (Arup Chatterjee) ने एक प्रेस वार्ता कर भाजपा सांसद ढुल्लू महतो (Dhullu Mahto) पर सीधा निशाना साधा. अरूप चटर्जी ने आरोप लगाया कि सांसद ढुल्लू महतो ने अपने बेटे प्रशांत महतो (Prashant Mahto) को अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के बजाय अपराध और काली कमाई के उस दलदल में धकेल दिया है, जहां सिर्फ और सिर्फ अवैध वसूली का खेल चलता है.
जमुनिया नदी के रास्ते रंगदारी का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक अरूप चटर्जी ने केवल जुबानी तीर नहीं चलाए, बल्कि पूरे सिंडिकेट के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का भी कच्चा चिट्ठा खोल दिया. उन्होंने दावा किया कि धनबाद की जमुनिया नदी से गुजरने वाले अवैध कोयले के हर एक ट्रक से 10,000 रुपये की बंधी-बंधाई अवैध वसूली की जा रही है. यह कोई छोटा-मोटा खेल नहीं, बल्कि पूरी तरह से संगठित आर्थिक अपराध है. विधायक के मुताबिक, अवैध कोयला कारोबारियों को डरा-धमकाकर और उन पर दबाव बनाकर नियमित रूप से मोटी रकम वसूली जा रही है, और इस पूरे नेटवर्क को कोई और नहीं, बल्कि पिता-पुत्र की यह जोड़ी ही संचालित कर रही है.

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‘विरासत में मिल रहा जुर्म का रास्ता’
अरूप चटर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि जहां आम परिवार अपने बच्चों को संस्कारों और शिक्षा की विरासत सौंपते हैं, वहीं सांसद ढुल्लू महतो ने कथित तौर पर अपने बेटे प्रशांत को भी उसी रास्ते पर लगा दिया है, जिस रास्ते पर वे खुद वर्षों से विवादों और आरोपों से घिरे रहे हैं. विधायक ने कहा, यह धनबाद के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और जनप्रतिनिधि का परिवार ही अवैध धंधों की कमान संभाल ले, तो कानून-व्यवस्था का भगवान ही मालिक है.
निष्पक्ष जांच की मांग
सांसद और उनके बेटे पर इस सीधे हमले के बाद धनबाद की सियासत में उबाल आ गया है. विधायक अरूप चटर्जी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि यदि इस पूरे सिंडिकेट और वसूली तंत्र की निष्पक्षता से जांच करा दी जाए, तो कई ऐसे चौंकाने वाले और बड़े खुलासे होंगे, जिससे इस पूरे साम्राज्य की नींव हिल जाएगी.


