West Singhbhum: पश्चिम सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत लांडुपोदा पंचायत के डेंगसरगी गांव निवासी 17 वर्षीय रूपसिंह हेंब्रम के बेहतर इलाज की उम्मीद अब जगी है. रूपसिंह पिछले करीब 10 वर्षों से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर है. समय पर समुचित चिकित्सा नहीं मिलने के कारण उसकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई और वह चलने-फिरने में पूरी तरह से असमर्थ हो गया है. रूपसिंह के हाथ-पैर भी लगभग काम करना बंद कर दिए हैं.
सांख्यिकी पदाधिकारी सदानंद होता ने उठाई रूपसिंह के इलाज की जिम्मेदारी
वहीं, SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) सर्वे के दौरान बंदगांव प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी सदानंद होता की नजर रूपसिंह की दयनीय स्थिति पर पड़ी. युवक की हालत देखकर वे भावुक हो उठे और तत्काल उसके इलाज की जिम्मेदारी लेने का निर्णय किया. उन्होंने अपने सामाजिक संगठन सुमिता होता फाउंडेशन के माध्यम से रूपसिंह को अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया. सदानंद होता ने बताया कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को इलाज के अभाव में जीवनभर पीड़ा नहीं झेलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आए, तो अनेक लोगों का जीवन बदल सकता है.

रूपसिंह के परिजनों ने सदानंद होता एवं सुमिता होता फाउंडेशन के प्रति जताया आभार
सदानंद होता ने यह भी कहा कि रूपसिंह के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी परामर्श लिया जाएगा. रूपसिंह के परिजनों ने सदानंद होता एवं सुमिता होता फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, कि वर्षों से आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव में वे अपने पुत्र का समुचित इलाज नहीं करा पा रहे थे. ऐसे कठिन समय में मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आई है. स्थानीय ग्रामीणों ने भी सदानंद होता की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा, कि समाज में ऐसे संवेदनशील और सेवा भाव रखने वाले लोगों की आवश्यकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि रूपसिंह जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट सकेगा.
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