युवा तुर्क चंद्रशेखर: संबंधों की राजनीति के बेमिसाल नायक, सरयू राय ने साझा किए अनछुए किस्से

रांचीः पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की शताब्दी वर्ष के अवसर पर जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा जमशेदपुर के मिलानी हॉल में जयंती समारोह आयोजित...

Saryu Rai
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की शताब्दी वर्ष के अवसर पर सरयू राय ने साझा किए अनछुए किस्से

रांचीः पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की शताब्दी वर्ष के अवसर पर जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा जमशेदपुर के मिलानी हॉल में जयंती समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने चंद्रशेखर के व्यक्तित्व के उन पहलुओं को उजागर किया, जो आज की राजनीति में दुर्लभ हैं. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि संबंधों को जीने वाले इंसान थे, जिनके लिए व्यक्तिगत निष्ठा राजनीति से ऊपर थी.

विरोध के बावजूद स्नेह: सरयू राय के संस्मरण

सरयू राय ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि 1984 में भारत यात्रा ट्रस्ट के गठन पर उन्होंने चंद्रशेखर का कड़ा विरोध किया था, जिसके कारण कई करीबी नेता उनके खिलाफ हो गए. इसके बावजूद, चंद्रशेखर ने इस विरोध को कभी व्यक्तिगत नहीं लिया और उनका स्नेह सदैव बना रहा. राय ने कहा, वह अपनी आलोचनाओं को दिल से नहीं लगाते थे, यही उनकी महानता थी.

जब दोस्ती के लिए जेल पहुंच गए चंद्रशेखर

सरयू राय ने उनके निडर स्वभाव का उदाहरण देते हुए बताया कि संबंधों को लेकर वे इतने बेबाक थे, कि इंदिरा गांधी की नाराजगी के बावजूद चुनाव लड़े और जीते. यही नहीं, जब उनके मित्र सूर्यदेव सिंह जेल गए, तो उन्होंने दुनिया की परवाह किए बिना उनसे जेल में मुलाकात की. समारोह में शिवशंकर सिंह ने भी उनके सरल स्वभाव की चर्चा की. कार्यक्रम का संचालन कुलविंदर सिंह पन्नू और धन्यवाद ज्ञापन अजय कुमार ने किया. सरयू राय ने घोषणा की कि चंद्रशेखर के व्यक्तित्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रांची, बोकारो और पटना में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

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