Ranchi: JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच सीता मुर्मू सोरेन ने सरकार से पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षाओं पर सवाल उठना झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. केवल परीक्षा रद्द करने से छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि गड़बड़ी के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई जरूरी है. सीता मुर्मू सोरेन ने कहा कि राज्य के युवा मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. इनमें बड़ी संख्या गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की होती है. ऐसे में परीक्षा रद्द होने से उनकी मेहनत, समय और भविष्य पर सीधा असर पड़ता है.
‘व्यवस्था को अंदर से खोखला कर रहे भ्रष्ट लोग’
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट लोग व्यवस्था के अंदर रहकर पूरी चयन प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उनके अनुसार ऐसे लोगों की वजह से ईमानदारी से तैयारी करने वाले युवाओं का भरोसा टूट रहा है. उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी के पीछे कोई संगठित नेटवर्क या सिंडिकेट काम कर रहा है, तो उसके चेहरों को सामने लाना जरूरी है. केवल परीक्षा रद्द करने से यह पता नहीं चलेगा कि आखिर गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है.
मुख्यमंत्री से CBI जांच की सिफारिश की मांग
सीता मुर्मू सोरेन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि पूरे मामले की CBI जांच की सिफारिश तुरंत की जाए. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच होने पर मामले की सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों तक पहुंचना आसान होगा. उन्होंने कहा कि जांच का मकसद किसी को बचाना नहीं, बल्कि असली दोषियों को सामने लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करना होना चाहिए.
युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं को बार-बार परीक्षा की तैयारी करने के बाद आंदोलन और विवाद का सामना करना पड़ रहा है. सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिसमें भविष्य में पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. सीता मुर्मू सोरेन ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई और पूरी व्यवस्था में सुधार के बिना छात्रों का भरोसा वापस लाना मुश्किल होगा.
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